शहर की महिला उत्पीड़न एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने दहेज प्रताड़ना के चलते आत्महत्या करने वाली विवाहिता के पति राहुल खंडेलवाल को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने वैशाली नगर निवासी इस अभियुक्त पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
पीठासीन अधिकारी रेखा राठौड़ ने अपने आदेश में कहा कि विवाह के समय युवती के मन में कई सपने होते हैं, लेकिन उसे पता नहीं होता कि पति ही उसकी मौत का कारण बनेगा। समाज में कन्या भ्रूण हत्या के पीछे भी ऐसी ही मानसिकता होती है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अभियुक्त की अनिता के साथ 11 मार्च 2012 को शादी हुई थी। शादी के बाद से ही अभियुक्त दहेज की मांग करते हुए अनिता के साथ मारपीट और प्रताड़ित करता था। इससे तंग आकर 21 जून 2015 को अनिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के अगले दिन पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया।