राजस्थान हाईकोर्ट ने चिकित्सा विभाग में संविदा पर लगे कम्प्यूटर ऑपरेटर्स और हेल्पर को हटाने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने प्रमुख चिकित्सा सचिव, और स्वास्थ्य निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश अनिल कुमार मीणा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता धौलपुर के जिला अस्पताल में संविदा पर तैनात हैं। राज्य सरकार उन्हें पद से हटा कर दूसरे कर्मचारियों को संविदा पर ले रही है। जबकि न तो याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई शिकायत है और न ही उन्होंने अपने काम में कोई उपेक्षा बरती है।
याचिका में यह भी कहा गया कि संविदाकर्मियों को नियमित कर्मचारी की नियुक्ति होने तक पद से नहीं हटाया जा सकता।जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को पद से हटाने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।