चुनावी मोड़ में आ चुकी भाजपा रूठ कर पार्टी से किनारा करने वाले नेताओं को वापस बुला रही है। पार्टी अपने इस प्रयास में सफल रहती है, तो करीब एक दर्जन नेता भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं।
भाजपा ने अगले साल होने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में 200 में 180 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए मिशन—180 तय करते हुए उन इलाकों में अभी से ज्यादा ध्यान दिया जा रहा हैं, जहां पिछले चुनाव में भाजपा हारी थी। इसके साथ ही रूठे हुए नेताओं की घर वापसी की कवायद भी तेज हो गई है। राजपा विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, उनकी पत्नी गोलमा देवी समेत करीब दर्जनभर नेताओं के भाजपा में आने के कयास लगाए जा रहे है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगस्त में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की राजस्थान यात्रा के दौरान इन नेताओं को भाजपा में शामिल करने की औपचारिकता पूरी कराई जा सकती है। उधर, शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर मीड़िया से बातचीत में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भी इस कवायद की पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि भाजपा में सबके लिए के लिए द्वार खुले हुए है और सबका यहां स्वागत है। सभी के एक छत के नीचे लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में अंतिम निर्णय सीएम वसुंधरा राजे के स्तर पर लिया जाएगा। परनामी ने मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि ये मामला सीएम के क्षेत्राधिकार का है।
इससे पहले भाजपा मुख्यालय पर आयोजित भाजपा विस्तारक मास्टर ट्रेनर्स कार्यशाला में परनामी ने मास्टर ट्रेनर्स विधायक और पदाधिकारियों से सरकार की उपलब्धियों को बूथ लेवल तक ले जाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने पर जोर दिया। ये मास्टर ट्रेनर्स अब जिला स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। बैठक में भाजपा के प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक बूथ पर क्या-क्या कार्य करने है और किस प्रकार से विस्तारकों को प्रशिक्षित करना है, कि जानकारी दी। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने भाजपा के इतिहास की जानकारी दी। कोटा के सांसद ओम बिड़ला ने चुनाव प्रबन्धन की बारीकियों से की जानकारी विस्तारकों को दी। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने विस्तारक वक्ताओं को प्रदेश एवं केन्द्र सरकार के कार्यों की जानकारी दी।