राजस्थान से उत्तराखंड गए तीर्थ यात्रियों के परिजनों के लिए एक अच्छी खबर है। यहां राजस्थान के सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने के बात सामने आई है।
दरअसल, उत्तराखण्ड के चमोली जिले में हाथी पर्वत, बैजनाथ के पास अचानक चट्टान खिसकने से रास्ता अवरुद्ध हो गया था। जिसमें कई यात्रियों के फंसे होने की भी जानकारी मिली, इनमें कुछ राजस्थानी भी हैं। इस पर तुरंत सतर्क हुए राज्य के आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग ने चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली है कि यात्रियों के परिजनों को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें समय—समय पर सुरक्षा व सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। चमोली जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने ये भी बताया है कि अवरुद्ध रास्ते को खोले जाने के लिए पूरे प्रयास जारी हैं। उन्होंने शनिवार शाम तक रास्ता पूरी तरह खुलने की संभावना भी जताई है।
इधर, राजस्थान के आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग के सचिव हेमन्त कुमार गेरा ने भी इस बात की पुष्टी करते हुए कहा है कि घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। सभी प्रभावितों को होटल, धर्मशाला सहित अन्य सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। यहां सभी यात्रियों के रहने व खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। गेरा ने बताया कि इलाके में सभी तरह का मोबाइल नेटवर्क भी चालू है। यदि कोई परिजन अपनों से सम्पर्क करना चाहे तो कर सकते हैं।इस सम्बंध में अधिक जानकारी के लिए राज्य आपदा प्रबन्धन विभाग, सचिवालय में 0141-2227084 व 0141-2227603 एवं जिला ईओसी जयपुर के 0141-2204475, 5165265 और 1077 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली में बद्रीनाथ हाईवे पर चट्टान खिसकने से रास्ता अवरुद्ध हो गया था। इसके कारण यहां करीब 20 हजार यात्री फंसे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस—प्रशासन ने बद्रीनाथ धाम के यात्रा पड़ाव गौचर, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी, जोशीमठ, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।