राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्र में दो साल से कम सेवा देने वाले चिकित्सकों को प्री-पीजी की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं करने पर केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ताओं को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है।
न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश केसी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. संदीप बिश्नोई व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए है। याचिका में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने प्री-पीजी प्रवेश के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लगे चिकित्सकों को बोनस अंक देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार दो साल से कम अवधि वाले ऐसे चिकित्सकों को बोनस अंक नहीं दे रही है। शुक्रवार को प्री-पीजी के पंजीकरण का अंतिम दिन होने के कारण उन्हें पंजीकृत किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ताओं को प्री-पीजी में पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं।