प्रदर्शन में शामिल हुए डॉक्टर्स
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अजमेर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में शुक्रवार को दो घंटे मरीज परेशानी में रहे। इसका कारण डॉक्टर्स का प्रदर्शन में शामिल होना है।
दरअसल, अजमेर जिले के राजकीय व प्राइवेट डाॅक्टर्स शुक्रवार को महाराष्ट्र में डाॅक्टर्स पर हुई हिंसात्मक घटना का बजरंगगढ़ स्थित विजय स्मारक से कलक्ट्रेट तक रैली निकालकर विरोध जता रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शन के कारण दो घंटे तक राजकीय और निजी अस्पतालों में मरीज परेशान होते रहे। उनकी देखरेख सिर्फ नर्सिंग स्टाफ के भरोसे रही। कई गंभीर रोगियों को अजमेर से रैफर भी कर दिया गया। हालांकि, प्रदर्शन के बाद डाॅक्टर्स ने आकर व्यवस्थाएं संभाली। उधर, डाॅक्टर्स का कहना है कि यदि उनके साथ होने वाली मारपीट और हिंसक घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई जाती है तो इसका खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ेगा।
प्राइवेट मेडिकल प्रेक्टिशनर्स सोसायटी के डाॅ. पंकज तोषनीवाल ने बताया कि डाॅक्टर्स पर आए दिन मारपीट की घटनाएं बढ़ती जा रही है। मरीज के इलाज में पूरा ध्यान रखने के बावजूद भी यदि उसकी मौत हो जाती है तो परिजन अपना गुस्सा डाॅक्टर्स पर निकालते हैं। इससे डाॅक्टर्स मरीजों का इलाज करने से भी कतराने लगे हैं। डॉक्टरों ने इस सम्बंध में कलक्टर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन देकर डाॅक्टर के लिए विशेष प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की है।
साथ ही मांग नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है। डाॅक्टर्स के प्रदर्शन में मेडिकल काॅलेज के आचार्य, उपाचार्य, राजकीय अस्पतालों के चिकित्सक, मेडिकल काॅलेज के रेजीडेंट सहित प्राइवेट चिकित्सक भी शामिल हुए।