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मेट्रिमोनियल साइट के जरिए निकाह, फिर स्पीड पोस्ट से भेजा तलाक

Tue, 22 Aug 2017 06:04 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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आफरीन रहमान - फोटो : google
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बहुप्रतीक्षित तीन तलाक के मामले में करीब डेढ़ साल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आखिरकार आज आ गया। इस फैसले से 28 वर्षीय आफरीन रहमान को जरूर कुछ राहत मिली होगी।
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जयपुर में भी तीन तलाक का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया था। जिसने जयपुर की रहने वाली एक मुस्लिम महिला आफरीन रहमान की जिंदगी में भूचाल ला दिया। शादी के कुछ महिनों बाद ही दहेज प्रताड़ना का दंश झेलने वाली आफरीन को उसके पति ने स्पीड पोस्ट के जरिए तलाक दे दिया था।

25 वर्षीया आफरीन रहमान की शादी साल 2014 में जयपुर के एक होटल में इंदौर के रहने वाले एक युवक से हुई थी, जो कि पेशे से वकील था। तब वह एमबीए पूरी कर नौकरी कर रही थी। लेकिन पति के साथ खुशहाल जिंदगी बिताने के लिए आफरीन ने सब छोड़ दिया।
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पहले प्रताड़ित कर घर से किया बेदखल, फिर...

आफरीन के निकाह का फाइल फोटो - फोटो : google
आफरीन एक अच्छ भविष्य के बारे में सोचते हुए शादी के बाद अपने ससुराल पहुंची, लेकिन उसने यहां बिलकुल उल्टा पाया। उसके साथ बिलकुल वैसा नहीं हुआ, जैसा उसने सोचा था।

आफरीन के मुताबिक यह रिश्ता मेट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए हुआ था। शादी के कुछ माह बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरु कर दी। मना करने पर मारपीट होने लगी, जिससे उसे डिप्रेशन हो गया।

उसे प्रताड़ित करने लगे और उसे घर छोड़ने का दबाव बनाया। उनका आरोप है कि शादी के एक ही साल में उनके पति ने उन्हें वापस मायके भेज दिया। वह जयपुर स्थित अपने पीहर आ गई। पति ने संपर्क रखना बंद कर दिया।
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लैटर समझ कर लिया स्पीड पोस्ट, निकला तलाक

आफरीन का फाइल फोटो - फोटो : google
कुछ महीने बाद एक सड़क दुर्घटना में आफरीन गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनकी मां की मौत हो गई। कुछ साल पहले ही आफरीन के पिता की मौत हो गई थी। अब आफरीन खुद को बहुत अकेला पा रहीं थी। ​अपनी चोटों से उबर ही रही थीं कि जनवरी, 2016 में आफरीन के नाम से एक स्पीड पोस्ट उनके घर पहुंचा।

यह सिर्फ सामान्य लैटर नहीं बल्कि आफरीन की जिंदगी में भूचाल ला देने वाला तलाक था। चिट्ठी पर लिखा था, 'तलाक़ तलाक़ तलाक़'..पति ने तलाक का जिक्र करते हुए मुस्लिम कानून के मुताबिक उन दोनों का रिश्ता नहीं होने का जिक्र किया।

आफरीन अवसाद में आ गई। लेकिन परिवार और आफरीन की ममेरी बहन ने उनकी मदद की। हिम्मत बंधाई। इसके बाद आफरीन ने तीन तलाक देने की प्रथा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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