प्रदेश की जेलों में रिक्त पड़े जेल प्रहरी के पदो पर ऑनलाइन भर्ती के लिए अब रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित मुख्यपीठ ने राज्य सरकार को राहत देते हुए ऑनलाइन भर्ती को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
जस्टिस दिनेश मेहता की अदालत में याचिकाकर्ता जयराम व अन्य की ओर से याचिकाएं दायर कर ऑनलाइन होने जा रही भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी थी। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कहा कि सरकार ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया के जरिये पारदर्शिता लाना चाहती है। पेपर लीक जैसे मामलो के साथ भर्ती प्रक्रिया शांति से सम्पन्न हो इसके लिए यह कदम उठाया गया है। इस बार जेल प्रहरी के 925 पदों के लिए जोधपुर में स्थित सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय को नोडल एजेन्सी बनाया गया है जो भर्ती प्रक्रिया को सम्पन्न करवाएगी।
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षो की सुनवाई के बाद चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। याचिकाएं खारिज होने के साथ ही अब भर्ती प्रक्रिया के लिए कोई मुश्किल नहीं होगी व समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि जेलो में रिक्त पड़े जेल प्रहरी के पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियां दी जा सके।