राजस्थान में जल्द डायनासोर फैमिली और उनकी कहानी देखने व सुनने को मिलेगी। बच्चों से लेकर बड़ों तक इस बात से रूबरू हो पाएंगे कि डायनासोर किस तरह के हुआ करते थे, कैसे वे विलुप्त हुए।
जयपुर के शास्त्री नगर स्थित साइंस पार्क में जल्द ही डायनाटोरियम विकसित किया जाएगा। जैसा नाम ही पता चल रहा है डायनाटोरियम डायनासोर और ऑडिटोरियम से मिलकर बना है तो यह इस तरह का ऑडिटोरियम होगा, जहां डायनासोर से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी।
साइंस पार्क में डायनासोर जैसे विशाल जीव के बारे में कई दिलचस्प बातें जानने के लिए लगभग 8 हजार 480 वर्गफीट एरिया में डायनाटोरियम भवन बनाया जाएगा। इसमें एक विशाल एनिमेट्रोरियम डायनासोर का मॉडल होगा, जिसकी स्किन, गर्दन एवं जबड़े, पूंछ आति गतिशील होंगे। डायनासोर प्रजाति के संबध में डिस्प्ले बोर्ड और ऑडियो विजुअल्स से आमजन के लिए जानकारी दी जाएगी।
हाल ही में इस डायनाटोरियम और न्यूक्लियर गैलेरी भवन का शिलान्यास किया गया है। साइंस पार्क में अपनी तरह का यह अनोखा प्रयोग होगा। इससे पहले भी यहां डायनासोर परिवार के डेमो मॉडल रखे गए थे, लेकिन खुले में होने के चलते डायनासोर के मॉडल खराब होने लगे। इसके बाद जरूरत महसूस किया गया कि एक अलग तरह का ऑडिटोरियम बनाया जाए, जिसमें रखे मॉडल खराब न हों।
इसी तरह न्यूक्लियर पावर के प्रति आमजन और छात्रों में जानकारी, दिलचस्पी और जागरूकता बढ़ाने के लिए न्यूक्लियर पावर गैलेरी की स्थापना की जाएगी। इसके जरिए न्यूक्लियर एनर्जी के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उपयोगों को मॉडल्स और डिसप्ले आदि के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। लगभग 8 हजार 212 वर्गफुट में एरिया में यह गैलेरी का निर्माण होगा। दोनों कार्यों में करीब 3 करोड़ रूपए की लागत आएगी और करीब डेढ़ साल में ये प्रोजेक्ट आमजन के लिए सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि डायनोटोरियम और न्यूक्लीयर पावर गैलरी के बनने से बच्चों में विज्ञान के प्रति और अधिक रूचि बढेगी, जिससे तर्कसंगत समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।