राजस्थान के धौलपुर विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस सुस्त और भाजपा अति उत्साह में नजर आ रही है। कांग्रेस के दिग्गजों ने यहां चुनाव से कदम पीछे हटा लिए है वहीं भाजपा ने कई पदाधिकारियों और मंत्रियों को जीत की जिम्मेदारी सौंपी है।
दरअसल हाल में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली जीत के बाद कांग्रेस सकते में है। संगठन में इन चुनावों को लेकर कोई खास गहमागहमी नजर नहीं आ रही है। दिग्गजों ने भी इस उपचुनाव से खुद को दूर कर रखा है। इसकी कई वजह हैं। सबसे बड़ी वजह तो हाल में हुए राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली जीत को माना जा रहा है। धौलपुर उत्तरप्रदेश की सीमा से लगता है और यहां पर इन चुनावों का असर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता।
दूसरी वजह, राजस्थान में भाजपा सरकार का होना है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस संबंध में बयान भी दे चुके है कि सरकार इन चुनावों में सरकारी मशीनरी का उपयोग करेगी।
तीसरी बड़ी वजह, यहां स्थानीय प्रभावशाली नेता विश्वेन्द्र सिंह का दखल माना जा रहा है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि हाल में बयानबाजी को लेकर वे विवादों में आ चुके हैं। ऐसे कांग्रेस की चुनावी जिम्मेदारी का बोझ उन पर अधिक है। विश्वेन्द्र सिंह परिणाम के बाद जीत की शाबासी पाने के हकदार होंगे और यदि हार होती है तो ठीकरा उनके माथे आने की आशंका है। उनके स्थानीय प्रभाव को देखते हुए दिग्गजों ने स्वयं को दूर कर रखा है।