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पेड़ से बंधे पति को पुलिस ने दिलाई आजादी, पंचों के खिलाफ मामला दर्ज

Wed, 31 May 2017 02:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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धनाराम - फोटो : amar ujala
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जैसलमेर के धनाराम को जंजीरो से पेड़ से बांधने और पत्नी द्वारा रोज दो थप्पड़ मारने के पंचायत के फरमान के बाद सुर्खियों में आए इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। मामला सुर्खियों में आने के बाद धनाराम को जंजीरों से आजादी मिल गई है। जातीय पंचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार, पोकरण उपखण्ड के खींवसर गांव के धनाराम को अपनी मां का साथ नहीं छोड़ने पर पंचों ने ऐसा फरमान सुनाया कि हर कोई दंग रह गया। धनाराम की पत्नी गंगा की शिकायत पर पंचों ने खुले आसमान के नीचे एक सप्ताह तक पेड़ से बंधा रहने का फरमान सुनाया। पंचों ने धनाराम को सुधारने के लिए उसकी पत्नी को रोज दो थप्पड़ मारने की भी नसीहत दी। चार दिन तक पंचों के तुगलकी फरमान की सजा काटने के बाद आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धनाराम को जंजीरों से मुक्त करवा दिया है।

पुलिस ने धनाराम को पोकरण के चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार भी जारी है। धनाराम ने भणियाणा पुलिस थाने में जातीय पंचों और ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया है।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने धनाराम की पीड़ा को उजागर किया। इसमें बताया गया कि पिछले कुछ समय से धनाराम व उनकी पत्नी गंगा के बीच धनाराम की 70 वर्षीय मां की सेवा को लेकर विवाद चल रहा था।

धनाराम अपनी मां के साथ रहना चाहता, लेकिन उसकी पत्नी को यह पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर चार दिन पूर्व कहासुनी में पत्नी ने अपने पीहर पक्ष को बुलाया। पंचायत में धनाराम की पत्नी गंगा ने पति व सास द्वारा अकसर गाली—गलौज करने सहित मारपीट का आरोप लगाया।

धनाराम व उसकी मां के ऐसे व्यवहार को देखकर पंचों ने धनाराम को खुले आसमान के नीचे 7 दिन तक पेड़ से बंधा रहने का फरमान सुनाया। उसकी पत्नी गंगा को उसे सुधारने के लिए रोज दो थप्पड़ लगाने की भी नसीहत दी गई थी।
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