राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए कम ही समय बचा है ऐसे में फर्जी मतदाताओं से जुड़ा एक और खुलासा डीसीई सर्वे के माध्यम से सामने आया है। इस सर्वे में बताया गया है कि जयपुर जिले में हर दस में से एक मतदाता फर्जी है। वहीं अगर कुल फर्जी मतदाताओं की संख्या की बात की जाए तो 1 लाख 12 हजार फर्जी मतदाताओं के नाम सामने आए हैं।
डीसीई सर्वे को जिला निर्वाचन आयोग द्वारा कराया गया था और इसका उद्देश्य राजनीतिक दलों की उन शिकायतों का निवारण करना था जो बार-बार फर्जी मतदाताओं की संख्या को लेकर सवाल उठा रहे थे। इस सर्वे में हर क्षेत्र में 4 हजार से 13 हजार तक दो नामों वाले मतदाता सामने आये हैं। जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक फर्जीवाड़ा हुआ है उनमें विद्याधर नगर, किशनपोल, सांगानेर क्षेत्र प्रमुख रूप से हैं।
इस सर्वे के दौरान जिन प्रमुख बिंदुओं का ध्यान दिया गया उनमें पहला कई नाम एक से ज्यादा स्थानों पर दर्ज होना, दूसरा मतदाता की मौत होने के बाद भी उसका सूची में बने रहना। और तीसरा ऐसे लोगों के नामों का पता लगाना जो अब प्रदेश से पलायन कर चुके हैं।
चुनाव आयोग के सामने अब यह चुनौती भी है कि उसके पास मतदाता सूची को संसोधित करने के लिए बहुत कम समय बचा है। इसके साथ ही नाम और फोटो से मिलते जुलते चहरे कई स्थानों पर दिखाई दिये है। साल में दो बार मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है लेकिन उसके बाद भी इतने बड़े पैमाने पर फर्जी वोटरों का सामने आना इस प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े कर रहा है।
इस सर्वे की जानकारी पर जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ महाजन कहना था कि हमारा उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की छंटनी करना है जिनका नाम एक से अधिक जगह पर दर्ज है। सर्वे में जिस तरह के आंकड़े सामने आये हैं वो चौंकाने वाले हैं।