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Doctor's Strike: इलाज नहीं तो दूध नहीं, डेयरी फेडरेशन का ऐलान

Thu, 09 Nov 2017 04:40 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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दूधबंदी - फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान में हड़ताल पर गए डॉक्टरों के खिलाफ अब दूध विक्रेताओं ने मोर्चा खोल दिया है और उनके घरों में दूधबंदी का ऐलान करते हुए चेतावनी जारी की है। कोटा में प्राइवेट डेयरी फैडरेशन ने फैसला लिया है कि यदि शुक्रवार तक डाॅक्टर्स हड़ताल से वापस नहीं लौटे तो वह हड़ताली डाॅक्टर्स के घर दूध वितरण नहीं करेंगे।
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फैडरेशन अध्यक्ष उमरदीन रिजवी और सचिव उमाशंकर नामा ने कहा है कि अस्पतालों में इलाज के लिए मरीज भटक रहे हैं और लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। ऐसे में डाॅक्टर्स का हड़ताल पर रहना मानवीय दृष्टिकोण से ठीक नहीं है।

प्राइवेट डेयरी फैडरेशन के पदाधिकारियों ने सभी विक्रेताओं को सूचनाएं भेजकर हड़ताली डाॅक्टर्स के यहां दूध नहीं भेजने का आह्वान किया है।
 
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डॉक्टरों के खिलाफ अपने आप में पहला कदम

दूधंबदी की घोषणा के दौरान डेयरी फैडरेशन के सदस्य - फोटो : Amar Ujala
हड़ताली डॉक्टरों के खिलाफ डेयरी फैडरेशन द्वारा उठाया गया ये कदम काफी साहसिक माना जा रहा है क्योंकि बिगड़ती चिकित्सा व्यवस्था और सरकार की अपील के बावजूद हड़ताली डॉक्टरों ने अपनी सिर नहीं झुकाया। उधर, कोटा में दोपहर 2 बजे बाद रेजीडेंट हड़ताल पर चले गए।


एमबीएस, जेके लाॅन और न्यू मेडिकल काॅलेज के करीब 280 रेजीडेंट के एक साथ हड़ताल पर चले जाने से तीनों बड़े अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था और ज्यादा बिगड़ती दिख रही है। इमरजेंसी सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। यदि आज हड़ताल समाप्ति पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो अस्पतालों में और ज्यादा स्थिति खराब हो सकती है।
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