भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अजमेर में मंगलवार को नगर निगम के यूडीसी को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वतखोर आरोपी यूडीसी सुरेंद्र नगर निगम अजमेर में पदस्थापित है। यह रिश्वत निगम के ठेकेदार से बिल का चेक पास करने की एवज में ली थी।
एसीबी के एसपी कैलाशचंद्र विश्नोई ने बताया कि परिवादी कौशल किशोर चित्तौड़िया ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया था कि वह निगम में ठेकेदार है। उसने कुछ काम करवाए थे।
जिसका बिल पास करवाने की एवज में यूडीसी सुरेंद्र पांच हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे है।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी के उपाधीक्षक मदनदान सिंह के नेतृत्व में ट्रेप रचा गया। एसीबी ने परिवादी कौशल किशोर को मंगलवार को रिश्वत की रकम लेकर नगर निगम के आॅफिस भेजा। जहां यूडीसी सुरेंद्र ने रिश्वत की रकम चूड़ी बाजार स्थित प्रेमनाथ चाय वाले को देने के लिए कहा। ज्योंही कौशल किशोर ने रकम चाय वाले प्रेमनाथ को दी। उसे एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि चाय वाले प्रेमनाथ ने पकड़ में आते ही एसीबी की टीम के सामने तैश में आकर कौशल किशोर से हाथापाई भी की। इसके बाद एसीबी ने यूडीसी सुरेंद्र को भी धर दबोचा। आरोपी की संपत्ति की भी जांच की जा रही है। एसीबी की कार्रवाई से नगर निगम में हड़कंप मच गया और निगम में होने वाले भ्रष्टाचार की पोल एक बार फिर से खुलकर सामने आई है।