गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम लेकर घिनौने काम को अंजाम देने वाली दो महिला दलालों के एक डॉक्टर के साथ रंगे हाथों पकड़े जाने का मामला सामने आया है।
भ्रूण लिंग जांच और भ्रूण हत्या गिरोह के खिलाफ प्रदेश में इस तरह की पहली कार्रवाई है, जिसमें राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने कल रात नई दिल्ली में इंटरस्टेट डिकाय आॅपरेशन के तहत कार्रवाई की ।
एमडी डॉ.अशोक कुमार गुप्ता, महिला दलाल ललिता एवं सोनिया कौर को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा भ्रूण लिंग परीक्षण में उपयोग में ली गई सोनोग्राफी मशीन भी जब्त कर ली है। पीसीपीएनडीटी सेल, राजस्थान की यह 23वीं इंटरस्टेट और 91 वां डिकॉय आॅपरेशन है।
अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि श्रीगंगानगर क्षेत्र के मुखबिर ने सूचना दी थी कि कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को हरियाणा व दिल्ली ले जाकर भ्रूूण लिंग जांच करवा रहे हैं। टीम ने ऐसे दलालों पर निगरानी रखी। टीम सदस्य पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व विनोद बिश्नोई ने इस कार्रवाई से पहले गोलूवाला व दिल्ली जाकर रैकी कर काफी जानकारी जुटाई। इसके बाद कार्रवाई की गई।
वह डमी गर्भवती को दिल्ली डायग्नोस्टिक सेंटर ले गई
आरोपी महिला
- फोटो : Amar Ujala
नवीन जैन ने बताया कि पीसीपीएनडीटी की टीम सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गई। जहां कल डमी गर्भवती महिला के जरिए दलाल बबीता से हरियाणा के बहादुरगढ़ में संपर्क किया। इसके बाद दलाल अपने बेटे के साथ डमी गर्भवती महिला को दिल्ली के पटेल नगर स्थित किरण डायग्नोस्टिक सेंटर ले गई।
यहां चिकित्सक डॉ. अशोक गुप्ता ने जांच कर भ्रूण लिंग की जानकारी दी। इसके बाद तय रकम लेकर डॉक्टर अशोक व दलालों ने आपस में बांट लिए। तभी ईशारा मिलते ही टीम ने चिकित्सक व दलालों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी लंबे अर्से से इस धंधे में लिप्त थे। वहीं दिल्ली टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसमें स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. सत्यजीत कुमार एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. सौहार्द नाथ मौजूद रहे।
परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी रघुवीर सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में सीआई हरिनारायण शर्मा व अरूण चौधरी, हैड कांस्टेबल डालचंद, देवेंद्र सिंह, लालचंद मीणा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सहायक के रूप में नवलकिशोर व्यास एवं विनोद बिश्नोई शामिल रहे हैं।