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एक खत ने मचा दिया हड़कम्प, निशाने पर कलेक्टर और अधिकारियों में खलबली

Sun, 14 Jan 2018 11:26 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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demo pic - फोटो : demo pic
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एक चिट्ठी ने पूरे जिले के प्रशासन को हिला कर रख दिया। लिखने वाले ने एक वकील के लेटर हैड की फोटो स्टेट कॉपी का इस्तेमाल कर कलेक्टर को धमकी दे दी।
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दरअसल, राजस्थान के बूंदी में प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया। जब जिला कलेक्टर को गोली मारने की धमकी भरा पत्र मिला। पत्र मिलते ही प्रशानिक और पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा जिला कलेक्ट्रेट में लग गया।

बूंदी में पिछले 3 माह से टाइगर हिल स्थित मानधाता छतरी पर बालाजी की प्रतिमा लगाकर उसकी पूजा करने का विवाद चल रहा है, जिसको लेकर गत 1 जनवरी से प्रशासनिक अधिकारियों और हिंदू महासभा के बीच कई बार लाठी-भाटा जंग हुई। हालांकि शहर काजी शकूर कादरी ने 5 जनवरी को सांप्रदायिकता की मिसाल पेश करते हुए विवाद को खत्म करते हुये छतरी पर पूजा करवा दी थी।
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डाक के जरिए मिला था पत्र

बूंदी में तैनात पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala
उसके बाद 5 दिन से बंद चल रहे बूंदी के बाजार खुल गए थे। लेकिन विवाद अभी भी जारी है। जिसके चलते गत 12 जनवरी को भी विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर हाड़ौती बंद किया गया था। उसी दिन डाक से जिला प्रशासन को कलेक्टर के नाम एक पत्र मिला था। लेकिन इस पत्र को शनिवार को खोला गया था। पत्र खोलते ही कर्मचारियों की आंखें फटी की फटी रह गई। पत्र में बदला लेने के लिए  जिला कलेक्टर शिवांगी स्वर्णकार  को  गोली मारने की धमकी लिखी हुई थी।

उन्होंने तत्काल पत्र की जानकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेश मालव को दी। उन्होंने पत्र को देखते ही पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू को सूचना दी। धमकी भरा पत्र मिलने की जानकारी मिलते ही तत्काल पुलिस के उच्च अधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंच गए । उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि पत्र में किसी वकील के लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने वकील को बुलाकर पूछताछ की। उसमें सामने आया कि यह पत्र वकील के द्वारा नहीं लिखा गया। इसमें वकील के लेटर हेड की फोटो स्टेट का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शंका जताई कि यह काम किसी शरारती तत्व का है। हालांकि पूरे मामले की पुलिस अधिकारी गंभीरता के साथ जांच कर रहे हैं। इसकी जांच पुलिस उपाधीक्षक समंदर सिंह और कोतवाल रामनाथ सिंह कर रहे हैं।

 
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