स्वाति का कहना है कि डॉक्टर मालकिन किशोरी को रोज बुरी तरह पीटती थी। उसके शरीर पर काटने, खरोचने व जलाने के निशान मिले हैं। लड़की ने बताया कि मालकिन उसे गर्म प्रेस से जलाती थी और गर्म पानी भी फेंकती थी।
गुस्से में मालकिन काटती भी थी। उसकी आंखों पर कैंची से वार किया गया था। इससे आंखें सूजी हुई थीं और चोट के निशान थे। लड़की ने आयोग को बताया कि मालकिन ने उसका गला भी दबाया था। उस पर वजन तोलने वाली मशीन से वार किया गया। मालकिन उस पर थूकती थी और खाने के नाम पर दो बासी रोटी दी जाती थीं।
आयोग अध्यक्ष का कहना है कि लड़की हड्डियों का ढांचा मात्र है। महिला डॉक्टर की अमानवीय हैरान करने वाली है। आयोग लड़की के इलाज, मुआवजा दिलवाने व परिवार से मिलाने में मदद करेगा।
उन्होंने 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले पड़ोसी को भी धन्यवाद दिया। स्वाति ने एसडीएम मॉडल टाउन से बात कर इस मामले में बाल मजदूरी की धाराएं भी रिपोर्ट में जुड़वाने का अनुरोध किया है। पुलिस ने रात में ही प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर पर भी छापा मारा।