पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच द्वारा घरेलू पिच पर टी-20 क्रिकेट मैच फिक्सिंग का पर्दाफाश करने के बाद परत दर परत खुलासे हो रहे है।
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जानकारी के अनुसार जयपुर में राजपूताना प्रीमियर लीग के तहत हो रहे टी-20 मैच के आयोजक इस ट्रॉफी के बाद अगले लीग के लिए दुबई जाने वाले थे। लेकिन इसके पहले ही मैच फिक्सिंग का भंडाफोड़ हो गया और वे दोनों गिरफ्तार हो गए। इस लीग में छह टीमें शामिल थीं।
इनमें एक और अहम खुलासा यह कि आयोजकों द्वारा मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग के लिए प्रत्येक टीम में लगभग पांच खिलाड़ी शामिल करते थे। इसके अलावा दोनों एम्पायर भी इन्हीं के द्वारा सलेक्टेड होते थे, जो मैच के दौरान इनके इशारों के अनुसार डिसीजन देते थे।
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इसके अलावा मैच का एक नेशनल लेवल के स्पोर्टस चैनल पर लाइव टेलीकॉस्ट भी करवाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार टीम में खिलाड़ियों का चयन करते वक्त उन्हें फिक्सिंग के बारे में बताया जाता था। लेकिन जिन खिलाड़ियों ने मैच में ऐसा करने से इंकार कर दिया। उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
मैच फिक्सिंग गिरोह से बरामद नकदी व सामान
- फोटो : Vishnu Sharma
राजपूताना प्रीमीयर लीग का एक और आयोजनकर्ता गिरफ्तार आरोपी बहारे खां उर्फ डॉक्टर सोनी उर्फ सिद्धू साहब लीग शुरु होने से करीब 10 दिन पहले ही उस शहर में चला जाता है, जहां लीग शुरु होने वाला होता है। वहां बहारे खां ग्राउंट मैनेजमेंट, टीम सलेक्शन, होटल बुकिंग, लाइव प्रसारण के लिए स्पोर्टस चैनल इत्यादि का मैनेजमेंट करता है।
टीम सलेक्शन के लिए ये लोग खिलाड़ियों को बीसीसीसीआई के अधिकारियों द्वारा मैच प्रेक्टिस देखने आने का बहाना भी करते थे। इसके पहले वजीर खां व बहारे खां हैदराबाद, नोएडा, कोटा, काठमांडू, नेपाल व भवानी निकेतन जयपुर में भी लीग आयोजित करवा चुके है। अगला लीग दुबई में करवाने वाले थे।
कार्रवाई करने गई टीम में मानसरोवर थानाप्रभारी सुरेंद्र सिंह राणावत, धर्मवीर चौधरी, सुनील प्रसाद शर्मा, बालाराम चौधरी, क्राइम ब्रांच के सबइंस्पेक्टर धर्मसिंह, गुलजारी, एएसआई राजेश शर्मा, हैडकांस्टेबल द्वारका प्रसाद, पुरुषोत्तम, सरदार मल, नाथूलाल, कांस्टेबल अविनाश सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।