राजस्थान हाईकोर्ट की आंतरिक शिकायत कमेटी ने वकील प्रवीण बलवदा के खिलाफ महिला अधिवक्ता की ओर से दी गई लैंगिक प्रताड़ना की शिकायत को सही नहीं माना है। कमेटी ने शिकायत का निस्तारण करते हुए कहा है कि तथ्यों को देखते हुए प्रकरण में लैंगिक प्रताड़ना का प्रकरण नहीं बनाता है।
इसके साथ ही कमेटी ने महिला अधिवक्ता को दी गई पुलिस सुरक्षा को भी हटाने को कहा है। मामले के अनुसार हाईकोर्ट की महिला वकील ने अधिवक्ता प्रवीण बलवदा के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट प्रशासन को शिकायत दी थी।
जिस पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने महिला से कार्यस्थल पर लैंगिक प्रताडना अधिनियम, 2013 के तहत जांच कमेटी गठित की। जिसमें हाईकोर्ट की महिला न्यायाधीश को भी शामिल किया गया। गौरतलब है कि महिला वकील की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कमेटी ने गत वर्ष फरवरी माह में वकील प्रवीण बलवदा के हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी थी।