भरतपुर जिले के सेवर कस्बे में रंजिश में रिश्तेदारों को फंसाने के इरादे से एक युवक ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद 10 दिन चली पड़ताल के बाद सेवर थाना पुलिस ने मृतक के आरोपी बेटे व उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी भरतपुर कैलाशचंद्र विश्नोई ने बताया कि 19 वर्षीय गिरफ्तार आरोपी राहुल और उसका चचेरा भाई विक्रम गुर्जर है। ये दोनों भरतपुर जिले में गांव खुड़ासा, उच्चैन के रहने वाले है। आरोपी राहुल ने सेवर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था कि 8 अप्रेल 2017 को वह अपने पिता विजय सिंह को एक अस्पताल में चैकअप करवा कर दोपहर 1 बजे गांव लौट रहा था। रास्ते में अजान बांध से गुजरते वक्त ही उसके ताऊ रामसहाय का दामाद राजेश आया और फायरिंग कर दी। जिससे एक गोली उसके बायें हाथ में लगी। तभी पीछे से ताउ का लड़का नरसी व दामाद राजेश का भतीजा भूरा, गब्बर भी आ गए और पिता के ऊपर गोली चला कर जख्मी कर दिया।
तब वह जान बचाकर खेत में भाग गया। वहां से चाचा के लड़के विक्रम को बुलाया। इसके बाद विक्रम ने राहुल व उसके पिता विजय सिंह को अस्पताल पहुंचाया। जहां विजयसिंह ने गोली लगने से दम तोड़ दिया। एसपी विश्नोई ने बताया कि पड़ताल में सामने आया कि घटनास्थल पर छोड़ी गई मोटरसाईकिल का पेट्रोल स्विच बन्द मिला। राहुल ने जिस तरफ से गोली चलना बताया था, लेकिन खाली कारतूस के खोखे विपरीत दिशा में पड़े थे। मेडिकल बोर्ड ने भी राहुल के हाथ में गोली बिल्कुल नजदीक से मारने की राय रखी।
यूं इस तरह खुलती चली गई कड़ियां
arrest accused in murder
- फोटो : demo pic
इसके बाद राहुल की रिपोर्ट में नामजद आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तब उनका बयाना जेल व अन्य जगहों पर होना पाया गया। इसकी पुष्टि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी हो गई। वहीं हमले में घायल व हत्या के केस की रिपोर्टकर्ता राहुल की काॅल डिटेल में लगातार अपने चाचा के लड़के विक्रम से बात करना तथा विक्रम का पहले ही घटनास्थल पर होने का पता चला। संदेह होने पर पुलिस ने सख्ती से राहुल और विक्रम से पूछताछ की तो उन्होंने विजय सिंह की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
सेवर थानाप्रभारी खलील अहमद के मुताबिक आरोपी राहुल के ताउ नरपत के तीन लड़के है। इनमें आरोपी विक्रम भी शामिल है। उसका खेत के बंटवारे को लेकर अपने भाई नरसी से विवाद चल रहा था। इसी कारण वह गांव खुडासा को छोड़कर अपने ताऊ रामसहाय के दामाद राजेश के पास रह रहा था। एक माह पहले ही नरसी, भूरा व गब्बर ने विक्रम के साथ मारपीट की थी। इससे उनके बीच रंजिश बढ़ गई।
वहीं, दूसरी तरफ मृतक विजयसिंह शराब पीने का आदि था तथा जमीन बेचने पर उतारू था। इससे विजय सिंह का बेटे राहुल से कई बार विवाद हुआ था। राहुल ने अपनी मां और बहिनों के साथ मिलकर रेवन्यू कोर्ट में दावा भी कर रखा है। इस पर राहुल ने चचेरे भाई विक्रम के साथ मिलकर अपने पिता विजय सिंह की हत्या कर भाई नरसी, भूरा, गब्बर व राजेश को फंसाने का साजिश रची।