प्रदेश में आज एक अफवाह ने भयावह रूप ले लिया। गुस्से में आए लोगों ने रोडवेज की बस को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद जमकर पथराव हुआ और जवाब में पुलिस को भी आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
पूरा मामला राजस्थान के सीकर जिले से जुड़ा है। यहां वार्ड नंबर 10, इस्लामिया स्कूल के पीछे रहने वाला युनूस भाटी (25) बाइक से फतेहपुर रोड पर जा रहा था। इसी दौरान रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार युवक गंभीर घायल हो गया। इसके बाद अफवाह फैली कि बस ड्राइवर शराब के नशे में था और इसके कारण लापरवाही से गाड़ी चलाने से युवक की मौत हो गई। फिर तो यहां बवाल हो गया। गुस्साई भीड़ ने राजस्थान रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा तो उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने बाजार में खड़े एक दर्जन वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
करीब 2 घंटे चले उपद्रव के बाद रात को अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजी गई। जिसने भीड़ को खदेड़ा।
हालत गंभीर होने पर जयपुर रैफर
वाहनों में तोड़फोड़ कर फूंका
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जानकारी के अनुसार, यूनुस की बाइक को सिटी हॉस्पिटल के पास सड़क पार करते वक्त चूरू आगार की रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। इससे यूनुस गंभीर घायल हो गया। राहगीरों ने मदद कर उसे एसके अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसे हालत गम्भीर होने पर जयपुर के एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया गया।
दूसरी तरफ, सड़क हादसे के बाद फतेहपुर रोड पर सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच यूनुस की मौत होने की खबर फैल गई। इससे आक्रोशित लोगों ने रोडवेज बस में पहले तोड़फोड़ की और फिर उसे आग के हवाले कर दिया।
फिर राह चलते वाहनों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। सूचना पर सीओ सिटी गिरधारी लाल शर्मा, सीओ ग्रामीण अयूब खान और एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश पर भी उपद्रवी नहीं माने तब पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया।
जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े
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इस पर उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। तब पुलिस को जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। यह मंजर करीब 2 घण्टे तक चला। उपद्रवियों और पुलिस के बीच लाठी-भाटा जंग चलती रही। जिसमें कई उपद्रवियों समेत पुलिसकर्मियों के भी चोटें आई हैं।
इसके बाद और भी पुलिस फोर्स आई तब जाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। इसके बाद फतेहपुर रोड पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मामले में करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।