आपने खेल और पढ़ाई के क्षेत्र में कॉम्पिटिशन सुने होंगे, लेकिन एक गिरोह एेसा है जो वाहन चोरी प्रतियोगिता आयोजित करता है। जो सदस्य सबसे ज्यादा गाड़ियां चुराता है उसे आला पद से नवाजा जाता है और वह गैंग का सरगना यानी लीडर माना जाता है।
ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ राजस्थान के उदयपुर जिले में। जहां हिरणमगरी थाना पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वाहन चोरी के कम्पिटिशन में जीत कर लीडर बने सदस्य की प्लानिंग और इशारे पर गाड़ियां चुराई जाती हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 80 गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया। यह कार्रवाई थानाप्रभारी संजीव स्वामी के नेतृत्व में की गई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी गांव पारसोला, जिला प्रतापगढ़ निवासी ओंकार उर्फ अनिल मीणा और दिनेश उर्फ देवा मीणा हैं। इससे कुछ दिनों पहले भी इसी गैंग के दो और शातिर वाहन चोरों को हिरण मगरी थाना पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जिनसे 26 दुपहिया वाहन बरामद किए थे।
मजदूरी के बहाने शहर-शहर घूमते हैं गैंग के सदस्य
गिरफ्तार
- फोटो : FILE PHOTO
पूछताछ में इस गिरोह ने उदयपुर सहित आसपास के कई अन्य जिलों में दुपहिया वाहन चोरी की वारदातें कबूली हैं। यह गैंग मजदूरी के बहाने शहरों-गांवों में जाता है। इसके बाद वहां रैकी कर वाहन चोरी कर भाग निकलते हैं।
पूछताछ में सामने आया कि गैंग के बदमाश चुराई गई महंगी बाइक को औने-पौने सस्ते दामों में लोगों को बेच देता है। इसके बाद मौज मस्ती में इन रुपयों को खर्च कर देते हैं। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि प्रतापगढ़ जिले भी इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।