एक भाजपा कार्यकर्ता को सरेराह थप्पड़ मार गिरफ्तार करने से सुर्खियों में आए युवा आईपीएस देवाशीष देव का आज निधन हो गया। वह पिछले करीब दस माह से जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहे थे।
आईपीएस देवाशीष अपने प्रोबेशन पीरियड में अपनी दबंग छवि को लेकर चर्चा में रहे थे। प्रदेश के कोटा शहर में यह आईपीएस अफसर एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता को सरेआम बदसलूकी करने पर थप्पड़ मारने से सुर्खियों में आया था।
घटना के अनुसार, पान की एक दुकान पर खड़े होकर उत्पात करने की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। उसी दौरान गश्त करते वक्त आईपीएस देवाशीष ने भी हंगामा होते देखा तो वे रुक गए। इस दौरान खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताकर धौंस दे रहा एक युवक वहां मौजूद कांस्टेबल से उलझ पड़ा। तब
कोटा से अजमेर किया था ट्रांसफर, फिर हुआ ये हादसा
हादसे के वक्त आईपीएस देवाशीष देव
- फोटो : File photo
आईपीएस देवाशीष ने सरेआम भाजपा कार्यकर्ता के थप्पड़ जड़ दिया और उसे उठाकर थाने ले गए। जहां उसे शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से भाजपा कार्यकर्ता लामबंद हो गए थे और देवाशीष को हटाने की मांग पर अड़ गए थे। इसके बाद देवाशीष का कोटा से ट्रांसफर कर दिया गया था।
मूल रुप से पटना, बिहार के रहने वाले देवाशीष देव वर्ष 2013 बैच के आईपीएस अफसर थे। प्रोबेशन पीरियड के दौरान सीओ ब्यावर सिटी से पहले वह राजस्थान के अलवर जिले में सीओ भिवाड़ी और कोटा जिले में सीओ कोटा शहर के पद पर पदस्थापित रहे थे। अलवर, कोटा व अजमेर में कई अहम आपराधिक वारदातों को खोलने में उन्होंने अहम रोल निभाया था।
इस साल जनवरी में पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर चल रहे विवाद के दौरान वह ब्रह्मा मंदिर के बाहर सीड़ियों के पास चबूतरे पर अन्य अफसरों के साथ कुर्सी पर बैठे थे। तभी देवाशीष की कुर्सी टूट गई और वह चबूतरे से करीब छह फीट नीचे सिर के बल पर गिर गए।
हादसे के बाद जयपुर के एक निजी अस्पताल में चला लंबा इलाज
आईपीएस देवाशीष देव
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हादसे के बाद जयपुर के एक निजी अस्पताल में लंबा इलाज चला। जहां आज सुबह देवाशीष ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सिर के बल गिरने से उनके सिर में गंभीर चोटे आई थी। सरवाइकल डिस्क 6 व 7 के बीच डिस्क खिसकने से स्पाइनल कोड पर दबाव पड़ गया।
इस हादसे के बाद उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। देवाशीष के देहांत होने का समाचार सुनकर उनके बेचमेट और जयपुर में मौजूद आईपीएस तथा अन्य पुलिस अफसर अस्पताल पहुंचे। वहां उनके परिजनों से बातचीत कर संवेदना जताई।