इसके चलते पिछले साल 30 अक्टूबर टहल सिंह ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पड़ोसी दिलबाग सिंह पर सरियों से हमला कर दिया था। जिसमें दिलबाग सिंह की मौत हो गई थी। तब पुलिस ने हत्या के केस में आरोपी टहल सिंह, उसकी पत्नी पूरण कौर और उसके तीनों बेटों की को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पिछले महिने 70 वर्षीया आरोपी पूरण कौर जमानत पर जेल से रिहा होकर बाहर आई थी। तब से वह ढगारिया में अपने खेत में रह रही थी। शुक्रवार रात को पूरण कौर अपनी बेटी और दामाद के साथ खेत पर बने मकान में सामान लेने आई थी।
इसके बाद बेटी और दामाद वहां से चले गए। पूरण कौर अकेली थी। वह कमरे में सो रही थी। तब देर रात को अज्ञात लोगों ने पूरण कौर की हत्या कर दी। शनिवार सुबह पूरण कौर की बेटी ने फोन किया।
जवाब नहीं मिलने पर संदेह हुआ तब मौके पर जाकर देखा। वहां पूरण कौर लहूलुहान हालत में मृत पड़ी थी। पुलिस का मानना है कि हत्या में 30 अक्टूबर को जानलेवा हमले में मारे गए दिलबाग सिंह के परिजनों का हाथ है।
पुलिस ने मृतका पूरण कौर की बेटी बड़ा नया गांव निवासी करमजीत कौर की रिपोर्ट पर दूसरे पक्ष के सुरजीत सिंह, अवतार सिंह, महेन्द्र कौर, दलजीत सिंह, छींदरपाल और गुरदयाल सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।