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गैंगवार में अपहरण कर इतना पीटा कि मर गया, ये थी रंजिश की वजह

Wed, 21 Feb 2018 03:09 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अधमरा पड़ा हरीश जाखड़, जिसकी मौत हो गई - फोटो : Vishnu Sharma
गैंगवार में एक गैंग ने दूसरी गैंग के एक बदमाश की दिनदहाड़े अपहरण कर हत्या कर दी। इसके बाद उसे सरेराह फेंककर भाग निकले। 

 

पुलिस के अनुसार हत्या का शिकार हरीश जाखड़ मूल रुप से बाड़मेर का रहने वाला है। वह मादक पदार्थ तस्करी करने वाली एक आपराधिक गैंग का सदस्य था। बाड़मेर में चौहटन स्थित लीलसर निवासी उमेश बेनीवाल ने प्रताप नगर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया। जिसमें बताया कि वह अपने साथी हरीश जाखड़ व जूंजाराम बेनीवाल के साथ मंगलवार को जोधपुर आया था। 


जहां खरथाराम गोदारा की गैंग ने जोधपुर में प्रताप नगर इलाके में मसूरिया दल्ले खां की चक्की इलाके में उमेश बेनीवाल की हत्या के इरादे से उसे व दोनों साथियों को घेर लिया। मौका पाकर उमेश व जूंजाराम भाग निकले।

पकड़े गए हरीश का यह हश्र

पीट पीटकर हरीश को मार डाला, यूं फेंका - फोटो : Vishnu Sharma
जबकि खरथाराम गोदारा और उसकी गैंग ने पीछा कर मृतक हरीश जाखड़ को पकड़ लिया। वे उसका अपहरण कर बेरहमी से पीटते—पीटते बाड़मेर तक ले गए। जहां कवास क्षेत्र में गैंग ने हरीश को अधमरी हालत में सरेराह फेंक दिया और भाग निकले।

वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देकर गंभीर जख्मी हरीश जाखड़ को अस्पताल पहुंचाया। जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर बाड़मेर एसपी डॉक्टर गगनदीप सिंगला ने जिले और आसपास के हाइवे पर नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चला। पुलिस के मुताबिक 19 जनवरी की रात को झंवर थाना इलाके के बंबोर इलाके से एक गैंग के सदस्य दो पुलिसकर्मियों से मारपीट कर सरकारी चेतक पीसीआर गाड़ी लूटकर भाग निकले थे।
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दोनों गिरोह डोडा-पोस्त के अवैध कारोबार तस्करी में लिप्त

CRIME SCENE - फोटो : Demo pic
बताया जा रहा है कि तब खरथाराम गैंग ने लूट की वारदात करने वाली गैंग के बारे में पुलिस मुखबिरी की थी। इस पर जीप लूटने वाली गैंग ने नागाणा थाना क्षेत्र के गोदारों की ढाणी में खरथाराम गोदारा के यहां फायरिंग कर वहां खड़े तीन वाहनों में तोड़फोड़ कर दी थी। जबकि एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था।

 
जिस पर खरथाराम गोदारा और उसकी गैंग दूसरी गैंग के उमेश बेनीवाल और अन्य साथियों से बदला लेने की फिराक में थे। 20 फरवरी को उमेश बेनीवाल, हरीश जाखड़ और जूंजाराम बेनीवाल के अपहरण का प्रयास किया, लेकिन इनमें उमेश व जूंजाराम जान बचाकर भाग निकले और पुलिस तक पहुंच गए। 
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