दोनों आरोपी और कार्रवाई करती एसीबी टीम
- फोटो : Vishnu Sharma
एक घिनौने काम के लिए माइनिंग फोरमैन ने आरएसी के जवान को दलाली का जरिया बनाया और खनन कार्यों में जब्त बजरी की गाड़ियां छोड़ने की एवज में 60 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर डाली।
शिकायत एसीबी तक पहुंची तो टीम ने 52 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे दलाल और माइनिंग फोरमैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान के टोंक जिले में एसीबी के एएसपी विजय सिंह के नेतृत्व में बीती देर रात की गई। एएसपी विजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी माइनिंग फोरमैन देशराज मीणा व आरएसी जवान राजाराम है। उनके खिलाफ टोंक निवासी मोहम्मद रफीक ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि जिसमें बताया कि खनन विभाग ने जब्तशुदा बजरी की गाड़ियां जब्त की थी। इन गाड़ियों को छोड़ने की एवज में निर्धारित सरकारी जुर्माने के अलावा फोरमैन देशराज मीणा और आरएसी का जवान राजाराम 60 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे है।
52 हजार रुपए लेकर रॉयल्टी नाके पर बुलाया और वहीं
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
शिकायत का सत्यापन करवाया गया। जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। तब एसीपी विजय सिंह की अगुवाई में गठित एसीबी टीम ने ट्रेप रचा और परिवादी रफीक मोहम्मद ने कल शाम को आरोपी देशराज से सौदे के लिए बातचीत की। तब आरोपी देशराज 52 हजार रुपए में बजरी की जब्त दो गाड़ियां बिना रॉयल्टी के टोंक से बाहर निकलवाने को सहमत हो गया।
देशराज ने पीड़ित रफीक मोहम्मद को रिश्वत की रकम गुंसी रॉयल्टी नाके पर लेकर बुलाया। वहां रिश्वत की राशि आरएएसी जवान राजाराम को देने को कहा। तब बीती रात को रफीक मोहम्मद गुंसी चैक पोस्ट रॉयल्टी नाके पर पहुंचा। जहां रिश्वत की राशि लेते ही एसीबी टीम ने ईशारा मिलने पर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों 52 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।