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फूफा और भाइयों ने लूटी अस्मत, जज के दखल पर टरकाने वाली पुलिस हुई एक्टिव

Mon, 11 Dec 2017 06:50 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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rape - फोटो : Demo pic
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सामाजिक- मानवीय रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें मदद के वक्त अपनों ने ही एक नाबालिग बालिका की अस्मत लूट ली। पीड़िता मदद की गुहार लेकर पुलिस तक पहुंची तो वहां भी सुनवाई नहीं हुई।
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आखिरकार किशोरी ने स्थानीय व्यक्ति की मदद से जज को पत्र लिखकर व्यथा सुनाई और मदद मांगी। तब सदर थाना पुलिस एक्शन में आई। पोक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाकर बयान दर्ज किए जा रहे है।

दरिंदगी का यह सनसनीखेज मामला है राजस्थान के पाली जिले का। पुलिस के अनुसार यौन शोषण की शिकार पीड़िता महज 17 साल की है। करीब छह महीने पहले उसकी शादी पचपदरा, बाड़मेर में रहने वाले एक युवक से हुई थी। पीड़िता के मुताबिक शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी और उसे प्रताड़ित करने लगे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर नाबालिग विवाहिता को घर से निकाल दिया। 
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मदद करने के बजाए बनाया हवस का शिकार

RAPE - फोटो : Demo pic
पीड़िता पीहर लौट आई, लेकिन पिता ने भी बेरुखी दिखाई और उसे घर में घुसने नहीं दिया।
तब दर—बदर की ठोकरें खाते हुईं पीड़िता पाली जिले के सदर ​थाना इलाके में खैरवा गांव में रहने वाले अपने फूफा के घर पहुंची। 

पीड़िता का आरोप है कि अधेड़ फूफा और दोनों फुफेरे भाई शाहरुख व सद्दाम की नीयत बिगड़ गई। उन्होंने मदद करने के बजाए ही हवस का शिकार बना डाला और बारी बारी से अस्मत लूटी। घर में नजरबंद कर डरा धमकाकर चुप करवा दिया। यौन शोषण से तंग आकर पीड़िता मौका पाकर पुलिस के पास पहुंची। जहां उसे टरकाकर लौटा दिया।

इसके बाद पीड़िता ने किसी की मदद से स्थानीय जज को एक पत्र लिखकर व्यथा बताई और मदद की गुहार की। इसके बाद मामला पुलिस उच्चाधिकारियों की नजर में आया और फिर पुलिस हरकत में आई। सदर थाने ने पीड़िता की रिपोर्ट लेकर मुकदमा दर्ज किया। अब पड़ताल कर रही है।
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