पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि सीआर चौधरी से नजदीकी जान पहचान है। इसी तरह, पीड़ित राजेंद्र सैन को झांसे में लेकर आरोपियों ने उसके मूल दस्तावेज, बतौर एडवांस 34 हजार रुपये नकद और बाकी एक चैक ले लिया।
इसके बाद कोई पेपर नहीं दिया और रुपये हड़प गए। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पड़ताल शुरू की। तब सामने आया कि आरोपी भोमाराम व सत्येंद्र सिंह परीक्षा में पास करवाने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से रुपये और असली दस्तावेज ले लेते हैं।
इन दस्तावेजों व रुपयों को आशीष को दे देते है। इसके बाद आरोपी आशीष इन रुपयों और दस्तावेजों को झोटवाड़ा में शेखावाटी नाम से प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग चलाने वाले सीआर चौधरी को दे देता है। वह इस गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने सीआर चौधरी के घर दबिश दी तब तक वह फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है। वहीं, तीनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लिया गया।