खुले में शौच करना ग्रामीणों को भारी पड़ा गया। इसके लिए उन्हें हवालात की हवा खानी पड़ गई।
मामला अजमेर संभाग के भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर का है। जहां पर एसडीएम ने आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार करवाकर 10-10 हजार के मुचलके पर उनकी जमानत ली साथ ही 15 दिन में घर में शौचालय बनवाने के लिए पाबंद किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शौच मुक्त भारत की अपील कर रहे है। यहां तक इस स्वच्छता अभियान का संदेश देने के लिए टॉयलेट एक प्रेम कथा फिल्म भी रिलीज हो चुकी है। सरकार की ओर से घर में शौचालय बनाने के लिए सहायता दी जा रही है, इसके बाद भी अभी तक कई गांव खुले में शौच मुक्त नहीं हुए हैं।
अजमेर संभाग में संभवतया पहली ऐसी कार्रवाई हुई है जिसमें किसी प्रशासनिक अधिकारी ने खुले में शौच कर रहे 6 लोगों को गिरफ्तार करवाया। इन लोगों को कई घंटे थाने में गुजारने पड़े। इसके बाद 10-10 हजार के मुचलके भरकर उन्हें जमानत पर छोड़ा गया।
नहीं माने तो कटवा दी जाएगी लाइट
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी ग्रामीण
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एसडीएम करतार सिंह ने कहा कि वह अपने क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त करना चाहते हैं। आज अलसुबह अन्य अधिकारियों के साथ दौरे पर निकले। पीपलूंद और श्रृंगार चंवरी गांव में कुछ लोग खुले में शौच करते मिले। यह नजारा देखकर उन्होंने पुलिस को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। करतार सिंह ने कहा कि पूर्व में भी ग्रामीणों को समझा दिया गया, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं, ऐसे मे सख्त रूख अपनाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि अब भी नहीं मानें तो उन लोगों के घरों की लाइट भी कटवा दी जाएगी।