गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर पर राजपूत संगठनों के सरकारी मशीनरी के खिलाफ लामबंद होने के बाद अब भाजपा के एक विधायक ने भी प्रदेश की मुख्यमंत्री और सरकार पर निशाना साधा है। इस संबंध में विधायक ने एक बयान जारी किया।
जिसमें भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि एनकाउंटर के बाद प्रदेश के कई लोगों ने उनसे घर आकर मुलाकात की। उनसे बातचीत के बाद लगता है कि एनकाउंटर के बाद कई गंभीर प्रकार के संदेह उत्पन्न हो रहे हैं। इन संदेह को सरकार द्वारा तत्काल दूर करने की जरूरत है।
तिवाड़ी ने कहा है कि जब आनंदपाल के परिजन मेडिकल बोर्ड द्वारा निष्पक्ष शव पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं तो फिर सरकार इससे दूर क्यों भाग रही है। यह समझ के बाहर है। वहीं, जब गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया खुद कह चुके हैं कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं तो फिर राज्य सरकार सीबीआई से पूरे घटनाक्रम की जांच क्यों नहीं करवा रही है।
इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री सीधे इस एनकाउंटर से जुड़ी थी
यहां हुआ है आनंदपाल का एनकाउंटर
- फोटो : Amar Ujala
एमएलए घनश्याम तिवाड़ी ने सवाल उठाया है कि गृहमंत्री को उनके स्वयं के विभाग की इतनी बड़ी घटना के बारे में पता ही नहीं था। उन्हें खुद मुख्यमंत्री ने फोन करके बधाई दी। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री सीधे इस एनकाउंटर से जुड़ी थी और गृहमंत्री इससे अनजान थे। तिवाड़ी ने कहा कि आनंदपाल के वकील और अन्य प्रतिनिधिमंडल ने देश के गृहमंत्री से कहा कि अगर वह जिंदा पकड़ा जाता तो प्रदेश के कई नेताओं की पोल खुल जाती।
तिवाड़ी ने मांग की है कि सरकार को मृतक की मां, पत्नी और बच्चों की भावनाओं के प्रति अत्यंत मानवीय दृष्टिकोण भी रखना चाहिए। उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार को प्रदेश की जनता के मन में उठ रहे कई गंभीर संदेह को दूर करने का तत्काल कदम उठाना चाहिए। ताकि प्रदेश के हालात नहीं बिगड़े।