प्रदेश में एक और बाबा की वजह से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई। प्रोपर्टी कारोबारी के पांच सदस्यीय परिवार की कल सामूहिक खुदकुशी से पहले लिखे गए सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी बाबा विशंभरदास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है।
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विशंभरदास के खिलाफ मृतक प्रोपर्टी कारोबारी डूंगरमल के भाई नथमल ने करधनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। वह महल योजना, जगतपुरा स्थित श्रीजानकी सीताराम मंदिर का महंत है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि विशंभरदास ने सामूहिक खुदकुशी के दो दिन पहले ही अपने मोबाइल फोन की सिम तोड़ी थी।
इसकी पीछे क्या वजह है, इसे जानने में भी पुलिस जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक डूंगरमल ने सामूहिक खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट में लिखा- महंत ने लिए पैसे, लौटा नहीं रहा, इसलिए हम 5 आदमी मर रहे हैं.. डूंगरमल ने सुसाइड नोट में लिखा... मैं और परिवार के पांच आदमी आज मर रहे हैं। उसका जिम्मेदार.........
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यह लिखा था सुसाइड नोट में.....
कमरे में मिली जहरीली गोलियों के पाउच
- फोटो : Amar Ujala
महल योजना जगतपुरा श्रीजानकी सीताराम मंदिर का महंत विशंभरदास है। 5 साल पहले मैंने लोगों से पैसे लाकर उसे दिए थे, लेकिन वह लौटा नहीं रहा। लेनदार पीछे पड़े हैं। भगवान हमें माफ करे। मेरे पास दूसरा कोई चारा नहीं था कि लोगों को पैसे चुकाता।
इसके बाद पुलिस ने सुसाइड नोट में नाम व पते के आधार पर विशंभरदास को शाम को हिरासत में ले लिया और उससे आज भी पूछताछ की जा रही है। डूंगरमल के परिजनों व नजदीकी लोगों ने बताया कि डूंगरमल ने ही सर्वोदय एनक्लेव कॉलोनी को बसाया था। नोटबंदी के बाद उसे प्रॉपर्टी कारोबार में करीब 60 लाख का घाटा हुआ था। उसने जिन लोगों से कर्ज लिया था..
वे करीब रोज ही पैसे मांगने के लिए घर आया करते थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि लेनदार पैसे नहीं देने पर घर के बाहर डूंगरमल को बुलाकर धमकाते रहते थे और बुरी तरह बर्ताव करते थे।
पांचवें सदस्य धर्मेंद्र ने आज दम तोड़ा
- फोटो : Amar Ujala
इसके अलावा डूंगरमल को फोन पर भी धमकियां मिलती थी। डूंगरमल ने जिन लोगों से पैसे ले रखे थे, उनको चेक दे रखे थे। लोगों ने बैंक में चेक लगाए तो बाउंस हो गए। परिजनों ने डूंगरमल, उसकी पत्नी सुमन, बड़े बेटे जितेंद्र और बेटी खुशी की मौत के बाद उनकी आंखें दान कर दी। गौरतलब है कि करधनी निवासी 45 वर्षीय प्रोपर्टी कारोबारी डूंगरमल ने अपनी पत्नी सुमन (41) और बेटी खुशी (14) खुशी व बेटा जितेंद्र (21) सबसे छोटे पांचवें सदस्य बेटे धर्मेंद्र (16) के साथ मिलकर कल जहर खाकर सामूहिक खुदकुशी कर ली थी।
इसी तरह, तीन दिन पहले चूरू जिले के सादुलपुर थाना इलाके में दुमकी गांव में रहने वाली पूनम मेघवाल ने कथित तांत्रिक बाबा के कहने पर अपनी 11 दिन की दुधमुंही बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पूनम अपने घरवालों को यह कहकर गुमराह करती रही कि बच्ची को बिल्ली खा गई है। संदेह होने पर पुलिस ने पूनम के ससुर सतवीर मेघवाल की रिपोर्ट पर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने किसी कथित तांत्रिक बाबा के हुक्म देने पर बेटी को मार डालना बताया। इस पर पुलिस ने आरोपी मां पूनम को गिरफ्तार कर लिया था।