कूकस में जलदायकर्मी कालूराम रैगर की हत्या के मामले में अज्ञात हमलावरों तक पहुंचना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। पुलिस उपायुक्त सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कूकस में चाकूओं से गोदने के मामले से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले को सुलझाने के लिए सबसे पहले रंजिश के पहलू पर ध्यान दिया गया। पारिवारिक या किसी अन्य तरह की रंजिश की बात सामने नहीं आने पर यह साफ हो गया कि मामला कुछ और ही है।
इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापमल केडिया और थानाधिकारी आमेर नरेंद्र कुमार को खास हिदायत दी गई। इसके बाद जांच की गई कि इस दौरान इलाके में बाहर से कोई व्यक्ति आए हैं क्य? इसमें पाया गया कि घटना के दिन एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी के चुनाव में प्रचार करने के लिए बिहार मूल के कुछ छात्र कूकस में आए थे और देर रात तक इलाके में ही थे।
जांच आगे बढ़ी तो उसमें इन छात्रों में से एक मनीष कुमार के मोबाइल नम्बर भी मिले। मनीष के नम्बर वारदात के समय घटना स्थल के पास ही लोकेट हुए। पुलिस ने मनीष और उसके साथी शिवशंकर को धर लिया। दोनों को सीतापुरा और शिवदासपुरा से पकड़ा गया।
पुलिस को मौका ए वारदात पर एक शर्ट भी मिला था। मोबाइल को खंगाला गया तो उसमें घटना वाली रात की एक तस्वीर फोटो गैलेरी में मिली। इस फोटो में शिवशंकर ने वही शर्ट पहना हुआ था, जो पुलिस को बरामद हुआ था। शर्ट के बारे में पूछे जाने पर शिवशंकर जवाब नहीं दे पाया।
जांच में सामने आया कि उस रात गर्मी होने के कारण उसने शर्ट खोलकर कंधे पर रख लिया था। झगड़े के बीच शर्ट कंधे से गिर गया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने वारदात को कबूल लिया।