जेल से मिलती धमकी, फिर वसूली के लिए कारोबारी के पास गुर्गें पहुंच जाते। पुलिस ने अलवर के बहरोड़ में ऐसे ही नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
यह नेटवर्क अजमेर केंद्रीय जेल से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी सुनील जट स्थानीय पार्षद त्रिलोक हत्याकांड के मामले में अजमेर केंद्रीय जेल में है।
वह जेल से कारोबारियों को मोबाइल पर धमकाता था।
इसके बाद उसका भाई राजेश पहलवान कारोबारियों से वसूली करता। बहरोड़ पुलिस ने राजेश पहलवान को गिरफ्तार कर धमकियों की काल डिटेल बरामद की है।