व्हाट्सएप ग्रुप पर विवादित पोस्ट शेयर करना या उस पर विवादित टिप्पणियां करना आपको भारी पड़ सकता है।
ऐसा ही एक मामला राजस्थान के दौसा जिले से सामने आया है, जहां पानी की किल्लत को लेकर एक विधायक के खिलाफ व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किए जा रहे पोस्टर ने ग्रुप एडमिन को परेशानी में डाल दिया।
जानकारी के अनुसार दौसा जिले में इन दिनों कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में बांदीकुई की विधायक अलका गुर्जर के पोस्टर वायरल हो रहे थे, जिसमें लिखा था कि विधायक की तलाश। ये पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी मिलने पर विधायक अलका गुर्जर और उनके समर्थक नाराज हो गए।
इसके बाद विधायक की ओर से बीजेपी नेता सुरेंद्र तिवारी ने बांदीकुई पुलिस थाने पहुंच कर पांच अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
युवकों में चार बीजेपी के और एक कांग्रेस का कार्यकर्ता
व्हाट्स एप
- फोटो : SOCIAL MEDIA
शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने एक्शन लेते हुए पांच अलग-अलग एडमिन के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवकों में चार बीजेपी और एक कांग्रेस का कार्यकर्ता है। सूचना मिलने पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। इसके बाद माफी मांगने के बाद राजीनामा होने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
सामने आया कि ये पोस्टर करीब दो साल पहले पुराने थे। दौसा जिले की बसवा तहसील में पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई थी। तब जन संघर्ष समिति बसवा के सौजन्य से बांदीकुई विधायक अलका गुर्जर की तलाश के नाम से पोस्टर छपवाकर इलाके में चस्पा करवा दिए। इससे यह पोस्टर सुर्खियों में आए थे।
जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से दौसा के बांदीकुई में पेयजल किल्लत बनी हुई है। इस पर कुछ लोगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर दो साल पुराना विधायक के लापता का पोस्टर इमेज फिर से शेयर कर दी। शेयर पोस्ट में यह भी लिखा कि इस पोस्टर से बसवा में पेयजल किल्लत दूर हो गई थी।