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इस तरह खुला पिता-पुत्र के मर्डर का राज,घर का ही निकला कातिल 

Sun, 17 Dec 2017 06:33 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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Murder - फोटो : Demo pic
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो ऐसे अहम क्लू सामने आए जिसने पुलिस को पिता-पुत्र के डबल मर्डर केस के शातिर कातिल तक पहुंचा दिया। पुलिस ने जघन्य वारदात का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह सनसनीखेज मामला है राजस्थान के माउंट आबू का।
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सिरोही एसपी ओमप्रकाश मेघवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सोनु पुत्र लालाराम भील (25) है। वह भील कॉलोनी, देलवाड़ा आबपूर्वत का रहने वाला है। उसने दो अलग-अलग दिनों में अपने चचेरे भाई 30 वर्षीय जगदीश भील और फिर 60 वर्षीय चाचा कस्तूर भील की शराब के नशे में गला घोंटकर हत्या कर दी।

इसके बाद 11 दिसंबर को चाचा और उसके बेटे की शराब पीने से मौत होने की सूचना पुलिस को दी। तब आबू पर्वत थाना पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी पहुंचाया। जहां शातिर आरोपी और कस्तूर भील के भतीजे सोनू ने ज्यादा शराब पीने से सामान्य मौत होने की रिपोर्ट दी और मौत पर संदेह जाहिर नहीं किया।
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अलग-अलग दिन हुई थी पिता-पुत्र की मौत

डेमो इमेज - फोटो : Amar Ujala
पु​लिस को आरोपी सोनू की बातों पर शक था। इस पर उपाधीक्षक माउंट आबू विजयपाल सांधू के निर्देशन में आबू पर्वत थानाप्रभारी भूपेंद्र सिंह ने दोनों शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अहम खुलासा हुआ कि दोनों मौत एक ही दिन और एक ही वक्त नहीं होकर अलग-अलग दिन हुई है।

इसमें पहले जगदीश और फिर उसके पिता कस्तूर की मौत दम घोंटने से हुई है। यह मौत भी गला घोंटकर हुई है। उपाधीक्षक विजयपाल सिंह सांधू ने बताया कि संदेह होने पर पु​लिस ने कस्तूर और जगदीश के परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जिसमें उनके ज्यादा शराब पीकर खुद आपस में झगड़ा करते थे।

लेकिन दोनों मृतकों की कॉलोनी या आसपास में किसी से पुरानी रंजिश या झगड़ा नहीं था। पड़ताल में अहम जानकारी सामने आई कि मृतक कस्तूर भील का कब्जाशुदा प्लॉट देलवाड़ा भील बस्ती में है। यह प्लॉट उसने मुकेश उर्फ रिंकु को वर्ष 2013 में बेचा था। 

 
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यह बड़ी वजह थी डबल मर्डर की

डेमो इमेज - फोटो : demo pic
वारदात से करीब 15-20 दिन पहले आरोपी सोनू व उसकी मां उस प्लॉट पर सफाई करने गए तब उन्हें पता चला कि कस्तूर ने मुकेश उर्फ रिंकू को बेच दिया। इस प्लॉट पर सोनू के परिवार का भी कब्जा था, लेकिन दोनों पिता-पुत्र ने धोखे से प्लॉट बेच दिया।

इससे रंजिश में सोनू ने अपने चाचा और उसके बेटे की अलग-अलग दिन हत्या कर दी। यह भी पता चला कि सोनू की मृतकों की सांचोर, जालौर स्थित पुश्तैनी जमीन पर भी कब्जा करने की मंशा थी। गिरफ्तार आरोपी सोनू से पूछताछ में सामने आया कि वह गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति को फंसाने के लिए सामाजिक आन्दोलन करने व शव का अन्तिम संस्कार नहीं करने की भी धमकी दे रहा था। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने आबू पर्वत पुलिस पर मामले की लीपापोती का भी आरोप लगाता रहा। 
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