कनकपुरा रेलवे स्टेशन में शुक्रवार अलसुबह आपसी रंजिश में बाइक सवार एक व्यक्ति ने झोटवाड़ा थाने के हिस्ट्रीशीटर सुनील लखेरा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। वारदात से आसपास रहने वाले लोगों में सनसनी मच गई। आरोपी ने करीब छह राउंड फायरिंग की।
यह ताबड़तोड़ फायरिंग उस वक्त की गई जबकि हिस्ट्रीशीटर सुनील श्री राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह दिवराला की कार में बैठा था। फायरिंग में चली गोलियां गाड़ी के शीशे को भेदती हुई निकल गई। बताया जा रहा है कि वारदात के वक्त नारायण सिंह भी मौजूद था। अब पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि हमलावर के निशाने पर नारायण सिंह था या फिर सुनील लखेरा।
डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि हत्या का शिकार सुनील लखेरा झोटवाड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर था। वह खाईवाली व प्रोपर्टी से जुड़े व्यवसाय करता है। साथ ही उसकी कनकपुरा के पास एक होटल भी थी। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सुनील लखेरा कनकपुरा रेलवे स्टेशन के पास श्री राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह दिवराला की कैंपर जीप में बैठा था। तभी बाइक सवार आरोपी केसर सिंह वहां पहुंचा। आपस में हुई बातचीत के बाद उनमें विवाद हो गया।
इसी तरह, विद्याधर नगर में हिम्मत सिंह दिवराला की हत्या हुई
श्री राजपूत करणी सेना
- फोटो : Vishnu Sharma
तब केसर सिंह जेब में रखी पिस्तौल निकालकर हवा में लहराने लगा। जान से मारने की धमकियां दी। तभी विवाद इतना बढ़ गया कि उसने सुनील लखेरा पर आधा दर्जन राउंड फायर कर सुनील की हत्या कर दी। फायरिंग से आसपास रहने वालों में दहशत फैल गई। वे इधर उधर भाग निकले। इस बीच मौका पाकर केसर सिंह फरार हो गया। जिसे बाद में पुलिस ने दबोच लिया।
इस हमले में सुनील लखेरा के छाती व हाथ—पैर में तीन गोलियां लगी। गंभीर घायल पर भी सुनील की सांसे कुछ देर चलती रही। इस दौरान उसने मौके पर पहुंची पुलिस को पर्चा बयान में हमलावर का नाम केसर सिंह बताया। तब करधनी थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी केसर सिंह को हिरासत में ले लिया।
करीब दो साल पहले भी इसी तरह, हिम्मत सिंह दिवराला को विद्याधर नगर में उसकी जीप में बैठे वक्त बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। यह वारदात गैंगवार में की गई थी। इससे पुलिस और सतर्क हो गई है।