राजस्थान के धौलपुर जिले की बसेड़ी तहसील में रहने वाले पप्पू गोस्वामी को शायद यह अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की के साथ वह सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत करने के सपने देख रहा था। वह लड़की शातिर ठग गिरोह की सदस्य है। जिसने झूठी हंसी के साथ एक मंदिर में बने मंडप के नीचे सात फेरे लेने और वरमाला पहनाने का नाटक किया और फिर वह लूटेरी दुल्हन ने अपने गिरोह के साथ मिलकर पप्पू को जहरीला नाश्ता खिलाकर उसकी जिंदगी की सांसें छीन ली और नकदी व जेवर लूटकर भाग निकले। अब पप्पू के परिवार में सिर्फ उसकी यादें, मौत का मातम और बुढ़े मां बाप की चीत्कारें बचीं है।
यह दर्दनाक वाकया है बसेड़ी तहसील के गांव एकटा में रहने वाले 30 वर्षीय पप्पू गोस्वामी की। जिसकी उम्र बीतती जा रही थी लेकिन शादी के लिए कोई लड़की नहीं मिल रही थी। इससे पप्पू और उसके परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी। इसी बीच करीब दो माह पहले एक परिचित के जरिए उत्तरप्रदेश के रायबरेली में रहने वाला परिवार उनके संपर्क में आया। जिसने अपनी बेटी की शादी पप्पू से करवाने की सहमति दी, लेकिन खुद को गरीब बताकर शादी करवाने की एवज में करीब सवा लाख रुपए मांगे और शादी भी यूपी में गांव आकर करने की शर्त भी रखी। साथ ही, बारात में दुल्हे पप्पू के अलावा सिर्फ चुनिंदा लोगों को लेकर आने की बात भी कह दी।
इस शातिर गिरोह की बातों में आकर पप्पू के घर में शादी की शहनाईयां गूंजने लगी। 3 जून को उसके परिवार में बड़ा भाई लटूरी, जीजा पूरण, हरिज्ञान, संतोषी और देवीप्रसाद शर्मा बोलेरो गाड़ी लेकर दुल्हन ब्याहने के लिए रायबरेली, उत्तरप्रदेश रवाना हो गए। जहां अगले दिन चार जून को दूल्हा और उसके परिजन रायबरेली में स्थित बीतलपुर गांव पहुंचे। जानकारी के अनुसार वहां खुद को दुल्हन का भाई बताने वाले दिनेश, सूरज, उनकी मां और रिश्तेदारों ने स्वागत—सत्कार किया।
होश आने पर देखा तो गायब मिला सब कुछ
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद लुटेरी दुल्हन और उसका परिवार वर पक्ष को गांव के नजदीक हनुमान जी के मंदिर पर लेकर पहुंचे। बाराती संतोष शर्मा ने बताया कि मंदिर में शादी सम्पन्न होने के बाद दूल्हा-दुल्हन की जोड़ी के साथ आशीर्वाद कार्यक्रम की फोटोग्राफी हुई। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन कोई ठग गिरोह की नीयत को नहीं पहचान सका।
सबसे अंत में उन्होंने दुल्हे पप्पू और पांच बारातियों को नाश्ता और ठंडाई परोसी। जिसे खाने पीने के बाद वे सभी लोग अचेत हो गए। अगले दिन करीब तड़के चार बजे होश आया तब खुद को एक खेत में पड़े देखा। उनके पास रखी करीब डेढ़ लाख रुपए की नकदी, जेवर और कीमती सामान गायब थे। उन्होंने बेहोश पड़े एक— दूसरे को उठाया लेकिन पप्पू की आंख नहीं खुली। उसकी नब्ज बंद पड़ी थी। तब स्थानीय लोगों की मदद से पप्पू को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विदाई में दुल्हन की जगह पप्पू का शव 5 जून को धौलपुर में बसेड़ी स्थित गांव पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि शादी के पहले ही लुटेरी दुल्हन और उसका परिवार गांव में पप्पू के घर चक्कर लगा चुके थे। लेकिन उनकी नियत में कोई लूट का ईरादा है ऐसा किसी ने नहीं सोचा था। फिलहाल सूचना मिलने पर धौलपुर पुलिस मौके पर पहुंची और रिपोर्ट लेकर पड़ताल शुरु कर दी है।