अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर की तर्ज पर अब राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर लगभग 32 किलोमीटर लंबे इलाके में ड्रैगन फेंसिंग लगाई जाएगी।
थार के रेगिस्तान में जैसलमेर जिले के शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में रेत के टीले आंधियों की वजह से रातों-रात गायब हो जाते हैं। ऐसे में वहां फेंसिंग हमेशा गिर जाती है। इस वजह से यहां से घुसपैठ रोकने में बीएसएफ को मुश्किल होती है। लेकिन सीमा की सुरक्षा को लेकर बनी संसदीय समिति ने दौरा कर रिपोर्ट देने के बाद से अब इसको स्वीकृति मिल गई है।
जैसलमेर से लगती भारत पाक सीमा के शाहगढ़ बलज क्षेत्र में शिफ्टिंग सेंड द्युन की संशय से निजात पाने के लिए अब अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर की तरह ड्रैगन फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे घुसपैठ को रोकने में सौ प्रतिशत लगाम कसी जा सकेगी।
गौरतलब है की भारत पाकिस्तान रेगिस्तान में फेंसिंग गिरने से रोकने का तरीका तलाशने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने इस इलाके का कई बार दौरा किया, लेकिन कोई पुख्ता नतीजा नहीं निकला।बॉर्डर सिक्युरिटी से जुड़ी पार्लियामेंटरी कमेटी ने पिछले साल इस इलाके का जायजा लिया था।
कमेटी का मानना है कि शाहगढ़ बल्ज इलाके के 32.5 किलोमीटर के बॉर्डर एरिया में मौजूदा फेंसिंग कारगर नहीं है। इस कमेटी ने हाल ही राज्यसभा में एक रिपोर्ट पेश की थी।
इसमें इस इलाके में ड्रैगन फेंसिंग की सलाह दी गई थी। ऐसी ही फेंसिंग अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर के रेगिस्तानी इलाके में भी लगाई जा रही है। केंद्र ने पार्लियामेंटरी कमेटी की रिपोर्ट पर सहमति जताई है। सरकार ने सीपीडब्ल्यूडी के एक्सपर्ट्स से इस तरह की फेंसिंग की स्टडी कर इसे यहां लगाने के तरीकों पर विचार करने को कहा है।
राजस्थान की पाकिस्तान से सटे 1037 किलोमीटर लंबे बॉर्डर को 1996 में फेंसिंग करके सील किया जा चुका है, लेकिन शाहगढ़ बल्ज इलाके में यह कारगर नहीं हो पाई है।