कई जान ले चुके ब्लू व्हेल गेम के शिकंजे से मासूमों को बचाने के लिए पुलिस अब एक नई शुरूआत करने जा रही है।
ये शुरूआत करेगी राजस्थान पुलिस। पिछले दिनों राजस्थान के जोधपुर और जयपुर में एक मासूम छात्र और छात्रा ब्लूव्हेल गेम के शिकंजे में आकर खुद को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से दोनों बच्चों को बचा लिया गया।
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक पुलिस अजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार जिला पुलिस अधीक्षक अपने थाना क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूल व कॉलेजों में स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स के साथ लगभग एक घंटे के संवाद परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि जरूरत होने पर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से विभिन्न मनोवैज्ञानिक सलाहकारों व मोटिवेशनल गुरुओं की मदद लें।
बच्चों के व्यवहार पर एेसे रखें नजरें
Blue Whale Suicide
- फोटो : Youtube
इनमें कहा है कि मासूमों के लिए घातक साबित हो रहे ब्लू व्हेल गेम की रोकथाम के लिए शिक्षा विभाग व स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से स्कूलों एवं काॅलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
डीजीपी सिंह ने आमजन से अपील कि है कि अपने बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हुए उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को सुलझाने में सहयोग करें। उनके व्यवहार एवं गतिविधियों में आये बदलाव पर नजर रखें ताकि वे अचानक ही इस साइबर क्राइम (ब्ल्यू व्हेल गेम) के शिकार होने से बच सकें।
एडीजी क्राइम पीके सिंह ने बताया कि ब्लूव्हेल गेम की रोकथाम के लिये विभाग की साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ की गाइड लाइन को स्कूलों में प्रचारित किया जा रहा है। साथ ही, पिछले दिनों जयपुर और जोधपुर के दोनों केसों में उपयोग में लिए उपकरणों को प्राप्त कर उनका विश्लेषण करवाया जा रहा है।