दो ज्वैलरी कारोबारियों से नेशनल हाइवे पर हथियारबंद बदमाशों के द्वारा फिल्मी अंदाज में की गई ढाई करोड़ की डकैती का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस को जांच में केवल एक 'धागा' मिला, जिसे पकड़कर पुलिस ने उलझा माला सुलझा डाला।
यही नहीं पुलिस ने छिपा कर रखे गए लूट के 230 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद कर लिए। कल शाम को कार के देबारी इलाके के आस-पास होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जिंक स्मेल्टर देबारी स्वागत गेट के पास कार को पकड़ लिया। जिसमें पांचों आरोपी मौजूद थे। उन्होंने पूछताछ में वारदात करना स्वीकार किया।
उदयपुर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सभी उदयपुर जिले के निवासी है। आरोपियों के नाम हीरा गुर्जर, राजू खटीक, लालू रावत, पूरण गुर्जर हैं। इसके अलावा वारदात में शामिल अन्य पांच-छह डकैतों की तलाश जारी है। जो उदयपुर और गुजरात के हैं। आरोपियों को आज कोर्ट में पेशकर पुलिस रिमांड पर लिया गया।
पुलिस को मिले इस एक तार ने खोल डाला पूरा मामला
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जांच के दौरान टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि 23 जून को पडूणा टोल नाके पर इटियोस कार रात्रि करीब 2 बजे गुजरने के कुछ देर बाद ही एक और कार टोल से गुजरी थी। 22 जून को वही कार रात 10 बजे उदयपुर से पडूंणा टोल नाका क्रॉस कर रिटर्न पर्ची लेकर खैरवाड़ा की तरफ गई थी। लेकिन खेरवाड़ा टोलनाके के रिकॉर्ड से पता चला कि वह कार टोल से नहीं निकली थी।
वह संदिग्ध कार जीवनलाल रेबारी निवासी रेबारियों के गुड़ा के नाम पर पाई गई। जीवनलाल से पूछताछ की गई तो उसने कार भूपेन्द्र सुथार को बेचने की जानकारी दी। जब उदयपुर पुलिस ने भूपेंद्र सुथार को तलाश कर पूछताछ की तो उसने अपने परिचित और वारदात के मास्टरमाइंड आरोपी हीरा गुर्जर के द्वारा 22 जून को किसी बहाने से मांगकर ले जाना बताया। तब पुलिस ने हीरा को नामजद कर उसकी तलाश शुरू की।
कार में बना रखा था स्पेशल बॉक्स, जनिए पूरा मामला
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एसपी गोयल ने बताया कि आगरा निवासी सोमदत कुशवाह अपने साढू राकेश व बेटे योगेश के साथ 21 जून को आगरा के व्यापारियों से कच्चा माल सोना-चांदी लेकर नेशनल हाइवे नंबर 8 से राजकोट गए थे।
अगले दिन शाम 7 बजे राजकोट के व्यापारियों से तैयार माल सोने चांदी के आभूषण लेकर अपनी कार से आगरा के लिए रवाना हुए। इन आभूषणों को व्यापारियों ने कार में बने स्पेशल बॉक्स में रखा हुआ था। 23 जून को दोपहर करीब 2 बजे पडूंणा टोल नाका पार कर उदयपुर की तरफ आते वक्त टीडी नाल में एक स्कार्पियो कार ने ओवरटेक कर सोमदत्त की कार को रुकवाकर लिया। उसी वक्त दूसरी गाड़ी में सवार बदमाश भी आ पहुंचे। सभी ने मिलकर व्यापारियों को लूट लिया था।