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कई भाषाएं बोलने वाला ये इंजीनियर बना क्रिमिनल

Wed, 06 Sep 2017 03:36 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित - फोटो : amar ujala
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घरवालों ने उसे इंजीनियरिगं की पढ़ाई करने के लिए बेंगलूरू के आईटी में दाखिला दिलवाया, लेकिन वह और अपराध की दुनिया में चला गया। पढ़ा—लिखा ये इंजीनियर कई भाषाओं का जानकार भी है।
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मामला अलवर के नीमराणा थाना पुलिस से जुड़ा है। यहां पुलिस ने एक अन्तरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार के रहने वाले गिरोह के एक आरोपी ललन कुमार उर्फ ललन दास को गिरफ्तार किया है। आरोपी को बानसूर न्यायालय में पेश कर सात दिन के लिए रिमाण्ड पर लिया है। आरोपी ने अपने गिरोह के साथ सुरेश कुमार के कृष्णा टावर में निशा मोबाइल सेंटर से बीते 9 जुलाई की रात साढ़े सात लाख के मोबाइल, 1 लाख 87 हजार 500 रुपए की नगदी चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया था।

थानाधिकारी हितेश शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने जिले मे हो रही मोबाइल नकबजनी के प्रकरणो को गंम्भीरता से लेते हुए एक टीम का गठन किया था। जिसके बाद इस गिरोह का पता चला। गिरफ्तार आरोपी ललन शब्राहम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बेंगलूरू में बीई तृतीय वर्ष का छात्र है। आरोपी हिन्दी, अंग्रेजी और भोजपुरी भाषा फर्राटेदार बोलता है।
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वारदात करने से पहले ऐसे रैकी

गिरोह वारदात करने से पहले टीम के एक मुख्य व्यक्ति को रैकी के लिए कुछ दिन पहले ही रवाना किया जाता है। वह सदस्य वारदात के लिए जगह चिन्हित कर अपने साथियों को फोन पर एक जगह निश्चित समय और स्थान पर एकत्रित करता। इस दौरान वह आने से पहले साथियों को मोबाइल स्विचऑफ रखने की कहता। इसके बाद ये सभी लोग बस या ट्रेन से वारदात करने के लिए चिन्हित स्थान पर पहुंचते। वारदात के दौरान चुनिंदा लोग ही अन्दर जाते और अन्य लोग बाहर विभिन्न जगहों पर खड़े होकर निगरानी करते हैं।

अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्य अमन दिवान उर्फ ओसी, विक्रम, जितन साहनी, गुडडू, रवि की तलाश कर रही है।
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