अपराध और अपराधी किसी भी राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। अपराधी तक पहुंचने एवं अपराधों को नियंत्रित करने के लिये नया मैकेनिज्म तैयार करने की जरूरत है।
गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित पश्चिमी क्षेत्र की पुलिस काॅर्डिनेशन कमेटी’ की एक दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र के दौरान अपराधों एवं अपराधियों की रोकथाम के लिये सुझाव दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस को अन्तर्राज्यीय सीमाओं पर सतत निगरानी, ठोस हाईवे पेट्रोलिंग तथा स्टेट क्रिमिनल्स जो वारदात करने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में फरारी काटते है। इसे सहयोग्यात्मक एवं साझा प्रयास द्वारा राज्य की आन्तरिक सुरक्षा मजबूत हो सकती है।
डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि राजस्थान में अभय कमाण्ड सेंटर जयपुर समेत सभी संभागीय मुख्यालयों पर संधारित हो रहे हैं। इन्हें अन्य सेवाओं जैसे चिकित्सा, अग्निशमन एवं स्थानीय निकायों की सेवा से भी जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सीसीटीएनएस में ई-एफआईआर सिस्टम है या नहीं के जवाब में बताया कि राज्य में जल्द ही मोटर व्हिकल एक्ट में ही ई-एफआईआर दर्ज होगी। राज्य में प्री चालान कोर्ट ट्रायल वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से की जा रही है। बैठक में महाराष्ट्र के डीजीपी सतीष माथुर, गोवा के डीजीपी डाॅ.मुक्तेष चन्दर ने आर्थिक ठगी, सिम कार्ड फ्राॅड, नाईजीरीयन फ्राॅड एवं सेरोगेट बैंक अकाउंट पर अपने विचार रखे।
अभय कमांड सेंटर की स्थापना के बाद घटा 12 प्रतिशत क्राइम
क्राइम
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एडीजी क्राइम पकंज कुमार सिंह ने पुलिस विभाग में ईजाद तकनीकी सिस्टम पर प्रकाश डाला। वहीं, पुलिस कमिश्नर जयपुर शहर संजय अग्रवाल ने बताया कि अभय कमांड सेंटर की शुरुआत मार्च, 2017 तक शहर में तीन हजार कैमरे लगाये जा चुके है। इनमें 500 कैमरे शहर के भीतर परकोटे में लगाये गये हैं। अभय कमांड सेंटर की स्थापना के बाद 12 प्रतिशत क्राइम घटा है।
बैठक में पश्चिम क्षेत्र के राज्यों यथा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, (दमन एवं दीव) केन्द्र शासित तथा राजस्थान प्रदेश के पुलिस मुखियाओं सहित राजस्थान केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक पुलिस बलों बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईबी, सीबीआई के महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में महानिदेशक पुलिस,अपराध एवं रेल्वेज (गुजरात) श्री आशीष भाटिया, अति. महानिदेशक पुलिस, रेल्वेज (महाराष्ट्र) जयजीत सिंह, अति. महानिदेशक पुलिस, इंटेलिजेन्स (एमपी) राजीव कुमार टंडन सहित राजस्थान पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।