सरकारी मिलीभगत का एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां सौतेले बेटे ने मिलीभगत करके मां की बजाय अपना नाम बीपीएल सूची में शामिल करवा लिया। अब गरीब मां अपना नाम जुड़वाने के लिए सरकारी ऑफिसों के चक्कर काट रही है।
राजस्थान के उदयपुर जिले की मावली तहसील में गादोली गांव के वार्ड-5 की रहने वाली एक गरीब बुजुर्ग महिला मांगीबाई का नाम बीपीएल सूची से हटाकर उसके सौतेले पुत्र का नाम जोड़ देने का मामला सामने आया है। फरियादी महिला का कहना है कि दो साल पहले ग्राम सचिव ने बीपीएल राशन कार्ड से उसका फोटो हटाकर यह कह दिया कि उसका कार्ड दुबारा बनेगा। अब सामने आया है कि कार्ड में उसी बीपीएल नंबर पर मांगीबाई पति गोदा भील के स्थान पर बड़ी सफाई से मांगीलाल पुत्र गोदा भील लिख दिया गया है। मांगीलाल फरियादी महिला का सौतेला पुत्र है।