अजमेर के भिनाय थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय दलित नाबालिग का अपहरण कर सामूहिक दुराचार करने वाले आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपियों पर 1 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
अजमेर के एससी एसटी न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि सामूहिक दुराचार के मामले में न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने यह आदेश दिया। आदेश में चावडिंया निवासी भीमराज और न्यारा निवासी गोविन्द गुर्जर को आजीवन कारावास सहित एक लाख तीस हजार के जुर्माने से दडिंत किया गया है। जैन ने बताया कि भिनाय थाना क्षेत्र के बूबकीया गांव में रहने वाली 15 वर्षीय दलित नाबालिग का 20 जून 2014 को दोनों आरोपियों ने अपहरण कर लिया था।
साथ ही उसके घर से तीस हजार रुपए नगद व चांदी के जेवरात भी चुराकर ले गए थे। इसके बाद दोनों आरोपियों ने खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी उसे भीलवाड़ा के आसींद ले गए, जहां भी उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को न्यारां गांव में छोड़कर फरार हो गए थे। मामले में पोक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।