राजस्थान के मुख्य सचेतक कालूराम गुर्जर का फर्जी पीए बनकर सौरभ नाम के युवक ने भरतपुर में एक युवती को उसकी बहन को नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उससे 60 हजार रुपए लिए और अपने साथ रख उसका देहशोषण करता रहा।
पीड़िता ने 23 अप्रैल को खुद मुख्य सचेतक कालूराम गुर्जर को उनके मोबाइल फोन पर अपना दर्द बताया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस मामले में कालूराम गुर्जर के गनमेन बिहारी लाल ने ज्योति नगर थाने में 25 अप्रेल को मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर गुमान सिंह को सौंपी गई है।
पुलिस के मुताबिक अभी तक पीड़िता और आरोपी समाने नहीं आए है। लेकिन बिहारीलाल द्वारा दर्ज रिपोर्ट में बताया कि एक युवती ने 23 अप्रैल को गुर्जर के मोबाइल पर फोन किया। तब फोन गनमेन बिहारीलाल के पास था। युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात सौरभ नाम के एक युवक से हुई थी। उसने खुद को मुख्य सचेतक का पीए बताया और पीड़िता की बहन को अपनी पहचान से नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। इसके एवज में मांगे गए 60 हजार रुपए लेकर पीड़िता आरोपी सौरभ के घर पहुंची। तब सौरभ ने उसे प्रभाव में ले लिया। साथ रखा और झांसा देकर कुछ माह तक देहशोषण करता रहा।
पुलिस के मुताबिक युवती ने फोन काट दिया। तब बिहारी लाल ने गुर्जर को इसकी जानकारी दी। गुर्जर ने अपने आॅफिस में पता लगवाया तो वहां सौरभ नाम को कोई उनके स्टॉफ में नहीं था। बल्कि वहां पांच लिफाफे मिले। जिन पर सौरभ का नाम लिखा था। इनको खोलकर देखने पर उनमें डीग, कुम्हेर व भरतपुर के छह युवकों के नाम, फोटो व दस्तावेज रखे थे। संभवतया इन युवकों को भी नौकरी का झांसा देकर सौरभ ने रुपए हड़प लिए। इन लिफाफों पर आरोपी सौरभ का मोबाइल नंबर लिखा था। उससे बातचीत हुई तो सौरभ ने भरतपुर में मौजूद होना बताया। पुलिस अब लिफाफों पर लिखे नाम व पते के आधार पर अन्य पीड़ितों से भी संपर्क कर मामले की सच्चाई का पता लगाने में जुटी हुई है।