दवा दिलाने के बहाने दो सगी बहनों को 70 हजार रुपए में बेचने का मामला सामने आया है। इस दौरान खरीददारों ने उनसे शादी रचानी चाही तो इन युवतियों ने हिम्मत दिखाई और खुद को मानव तस्कर गैंग से बचा लिया।
बाद पुलिस ने फिल्मी स्टाईल में दोनों बहनों को मुक्त करवाकर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला है राजस्थान में अलवर जिले की तिजारा तहसील का। पुलिस के मुताबिक मुक्त करवाई गई 25 व 23 वर्षीया युवतियां बहनें है और हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली है। वे झुग्गी बस्ती में परिवार के साथ रहती है।
बड़ी बहन के मुताबिक कुछ दिनों पहले जाहिदा नाम की महिला उनसे एक सार्वजनिक पार्क में मिली और मेल-मिलाप बढ़ाकर घर आना-जाना शुरू कर दिया। इस दौरान जाहिदा ने छोटी बहन के इलाज का झांसा दिया। जाहिदा पर भरोसा कर ये दोनों बहनें रविवार को उसके साथ भरतपुर के कामां तहसील में पहुंच गई।
इस तरह खुद को मुक्त कराया
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- फोटो : Demo pic
कामां में जाहिदा के तीन परिचित मिले और वे दोनों बहनों को लेकर रविवार रात खानपुर गांव, तिजारा पहुंचे। जहां जाहिदा ने बड़ी बहन को झांसे में लेकर कहा कि उसकी बहन की शादी कराने से इलाज हो जाएगा। इसके बाद वहीं, रात को ही उन्हें दूल्हा दिखाया और तत्काल जाहिदा और उसके परिचित तीनों व्यक्ति जबरन पीड़िता युवती की शादी की तैयारी करने लगे।
बहनों ने एतराज जताया तो धमकियां देकर चुप करवा दिया। इस दौरान युवतियों को पता चल गया कि जाहिदा ने उन्हें 70 हजार रुपए में इन तीन व्यक्तियों को बेच दिया है। उस वक्त वे चुप रही, लेकिन मौका पाकर उन्होंने चीख पुकार मचाना शुरू कर दिया। इससे स्थानीय लोग आ गए और उन्होंने पुलिस को बुला लिया। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी एक बोलेरो जीप में बैठकर भाग निकले।
इसके बाद थानाधिकारी अजीत बड़सरा ने आरोपियों का पीछा किया तो वे युवतियों को छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने दोनों बहनों को मुक्त करवाकर उनके साथ मौजूद आरोपी जाहिदा को गिरफ्तार कर लिया।