देहव्यापार के लिए मासूम बच्चियों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्त में आए इन दलालों ने एक बांग्लादेशी बच्ची को महज पांच हजार रुपए में खरीदा और फिर वह मुंबई, सूरत, बड़ौदा, राजस्थान में कोटा जैसे कई शहरों में बिकती चली गई।
इस नाबालिग की खरीद फरोख्त ही नहीं हुई, बल्कि शारीरिक यातनाएं देकर देहशोषण भी करवाया गया। अब मासूम प्रदेश के बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित आवास में रह रही है। आपको बता दें यह बड़ा खुलासा किया है राजस्थान में कोटा शहर के कैथूनीपोल थाना पुलिस ने।
आईजी रेंज कोटा विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कैलाश सैनी उम्र 42 साल निवासी बसंत विहार, महावीर नगर विस्तार योजना, दादाबाड़ी कोटा शहर है। वहीं, दूसरा आरोपी अर्जुन सिंह पंवार उम्र 21 साल कुन्हाड़ी, कोटा हाल केशवपुरा, दादाबाड़ी, कोटा शहर है।
दास्तां सुनकर काउंसलर भी सहम गए
RAPE
- फोटो : Demo pic
आईजी बंसल ने बताया कि कुछ समय पहले बाल कल्याण समिति में बांग्लादेश निवासी एक किशोरी अपनी जान बचाकर पहुंची थी। उसने काउंसलिंग के दौरान आपबीती बताई तो उसकी दर्दभरी दास्तां सुनकर काउंसलर भी सहम गए।
फिर यह मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने गिरोह से जुड़े दलालों को चिन्हित कर उनकी तलाश शुरू की। एसपी कोटा शहर अंशुमन भौमियां के निर्देशन में उपाधीक्षक राजेश कुमार और कैथूनीपोल थानाप्रभारी प्रमोद शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में हैडकांस्टेबल प्रताप, गोविंदा, धनसहाय, कांस्टेबल आलोक व मुकेश को शामिल किया गया। जिन्होंने आरोपी कैलाश सैनी व अर्जुन सिंह पंवार को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
एसपी अंशुमन भौमियां के मुताबिक देहव्यापार और मानव तस्करी से जुड़े गिरोह के दलालों से संपर्क कर इस नाबालिग किशोरी को बांग्लादेश से भारत लाया गया। भारत में मुंबई, सूरत और बड़ौदा के दलालों को बेचकर पीड़िता से देहव्यापार करवाया गया।
एक रात के लिए पांच हजार रुपयों में बेचा
दर्दनाक आपबीती बताई, तब से
- फोटो : demo pic
इसके बाद सूरत के दलाल ने इस पीड़िता को कोटा के एक दलाल को बेच दिया। करीब एक साल पहले इस दलाल ने एक ग्राहक को एक रात के लिए पीड़िता का सौदा पांच हजार रुपयों में बेचा था। उस दौरान पीड़िता ग्राहक को गच्चा देकर भाग निकली और किसी तरह कैथूनीपोल इलाके में पहुंची।
वहां लावारिस हालत में पुलिस को मिली। तब पुलिस ने इस बालिका को बालिका गृह में भेजा। इसके बाद काउंसलिंग में उसने देहव्यापार के लिए दलालों के हाथों कई शहरों में बेचे जाने की दर्दनाक आपबीती बताई। तब से पुलिस स्थानीय दलालों की तलाश में थी।