प्रदेश में चार साल पहले हुए एक चर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गैंगस्टर आनंदपाल के नजदीकी रहे एक हार्डकोर बदमाश ने अपने मासूम भांजे के कत्ल का बदला लेने के लिए गैंग के साथ मिलकर यह हत्या की थी।
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पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी श्याम सिंह निवासी गांव भारीजा थाना दांतारामगढ जिला सीकर हाल किरायेदार शेखावत काॅलोनी, मीणावाला, करणीविहार और दूसरा आरोपी अमित सिंह शेखावत निवासी गांव सुलताना थाना चिड़ावा झुंझुनुं हाल गणेशपुरी काॅलोनी, वैशाली नगर का रहने वाला है।
30 जुलाई 2013 को बोदुराम ने कालवाड़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था कि वह 29 जुलाई की रात को अपनी पान की दुकान से रात करीब 10 बजे रात को वह अपने बेटे करण के साथ घर के लिए रवाना हुये थे। करीब 10:45 बजे पैराडाइज सीटी के सामने कालवाड़ थाना के पास पीछे से आ रही एक ग्रे कलर की गाडी ने टक्कर मारने का प्रयास किया। इससे उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। तब गाड़ी में सवार बदमाशों ने बेटे करण डाबरिया को उसके पिता का ईलाज करवाने का बहाना किया और पिता पुत्र को गाड़ी में बैठाकर हिंगोनिया की तरफ ले गये।
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कांस्टेबल को मिला यह सुराग और खुला राज
delhi murder
- फोटो : Demo pic
रास्ते में बदमाशों ने बोदूराम को पिस्तौल दिखाकर धमकाया फिर प्रतापपुरा गांव के पास गाड़ी रोकी और बोदूराम के हाथ-पैर बांधे और फिर लोहे के सरिया से ताबड़तोड़ वार कर हाथ-पैर तोड़ दिए। इसके बाद हमलावर बोदूराम को वहीं पटक कर उसके बेटे करण डाबरिया का अपहरण कर ले गए। रिपोर्ट में बोदूराम ने बिन्दायका जयपुर निवासी रामसिंह राठौर पर वारदात का संदेह जताया।
केस की जांच तत्कालीन वृताधिकारी झोटवाड़ा ने की। तब सीकर जिले के दांतारामगढ़ थाना इलाके में बोदूराम के बेटे करण डाबरिया की गला कटी हुई लाश चंदोली गांव में मिली। केस की जांच अब एसीपी आस मोहम्मद को दी गई। उनके निर्देशन में पश्चिम जिले की स्पेशल टीम में शामिल कांस्टेबल अमित सिंह को वर्ष 2013 में हुए बहुचर्चित करण डबरिया हत्याकाण्ड में शामिल आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।
जिसकी सूचना अमित सिंह ने उच्चाधिकारियों को दी। वारदात में आरोपी गजेन्द्र सिंह सिकडोला उर्फ लाला निवासी गांव सिकडोला थाना नैछवा सीकर, आरोपी श्रीमंत यादव उर्फ रिंकू यादव निवासी आरके पुरम काॅलोनी, वैशाली नगर, आरोपी श्याम सिंह और अमित सिंह शेखावत का नाम सामने आया। इस पर सबइंस्पेक्टर वासुदेव सिंह, कांस्टेबल अमित सिंह, अजेंद्र सिंह, बलराम, मालीराम व अमन की टीम ने दो आरोपियों को धरदबोचा।
एडिशनल डीसीपी रतन सिंह के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि श्रीमंत यादव उर्फ रिंकू यादव व गिरफ्तार दोनों आरोपी दोस्त है। श्रीमंत यादव ने ही दोनों आरोपियों की मुलाकात आरोपी गजेंद्र सिंह सिकडोला से करवाई थी। गजेन्द्र सिंह के खिलाफ पहले से ही हत्या, लूट, फायरिंग और गम्भीर मारपीट के कई मुकदमे दर्ज थे। जिनमें वह फरार चल रहा था।
श्रीमंत ने भी गजेन्द्र सिंह के साथ मिलकर कुछ वारदातें की थी। आरोपी गजेंद्र सिंह ने ही गिरफ्तार आरोपी अमित सिंह और श्याम सिंह को दोनों पिता-पुत्र की रैकी करने को कहा था। इसके बाद गैंग ने मिलकर अपहरण किया। इसके बाद दातांरामगढ़ में गजेंद्र सिंह व श्रीमंत ने मिलकर करण डाबरिया का गला तलवार से काट दिया और लाश को वहीं फेंककर भाग गए।
गजेन्द्र सिंह ने बताया था कि करण डबरिया ने कुछ माह पहले उनके परिवार में भांजे जिसकी उम्र 8-9 साल की थी उसकी गला दबा कर हत्या कर दी थी और इस मामले में करण डबरिया जेल गया था और जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ था। इस पर गजेन्द्र सिंह सिकडोला उर्फ लाला ने करण डबरिया को सबक सिखाने की कसम खा रखी थी।