कांग्रेस नेता दानसिंह हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो शॉर्प शूटर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में कुम्हेर के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दानसिंह की 11 सितम्बर को उनके घर के मुख्य दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फायरिंग में दानसिंह का बेटा गजेंद्र सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था।
एसपी अनिल कुमार टांक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रहलाद उर्फ धर्मेन्द्र जाट उम्र 28 साल निवासी एलवारा पुलिस थाना कोसी कलां जिला मथुरा, यूपी और शाकिर मेव उम्र 27 साल निवासी चौकी बांगर (नगला उटावर) पुलिस थाना कोसी कलां जिला मथुरा यूपी है। ये दोनों आरोपी शार्प शूटर है। इसके साथ ही अनेक सिंह जाट उम्र 25 साल, ओमवती पत्नी रतन सिंह जाट उम्र 52 साल और गुड्डी देवी पत्नी लालसिंह जाट उम्र 45 साल है। ये तीनों आरोपी गांव साबौरा थाना कुम्हेर जिला भरतपुर के रहने वाले है।
इस वजह से की गई थी हत्या
शॉर्प शूटर्स
- फोटो : Demo pic
एसपी के अनुसार, दान सिंह और गांव के ही दूसरे पक्ष के रतन सिंह के परिवार में पुरानी रंजिश थी। जिसके चलते दानसिंह पर आरोपियों ने करीब दो साल पहले भी फायरिंग की थी, लेकिन गोली लगने के बाद दानसिंह की जान बच गई थी।
आपसी रंजिश के चलते आरोपी रतन सिंह ने दानसिंह की हत्या के लिए कोसी कलां, मथुरा यूपी निवासी प्रहलाद सिंह को दो लाख रुपए की सुपारी दी थी। मृतक दानसिंह घटना वाले दिन अपने पुत्र गजेन्द्र के साथ अपनी बोलेरो से गांव साबौरा से कस्बा कुम्हेर होकर भरतपुर में न्यू सिविल लाईन्स स्थित घर पर लौट रहा था।
उस दौरान आरोपी ओमवती व गुडडी तथा अन्य लोग शार्प शूटर्स व अनेक सिंह को गांव साबौरा, कुम्हेर व भरतपुर में कांग्रेस नेता दानसिंह व उसके बेटे गजेन्द्र सिंह की लगातार फोन से लोकेशन बता रहे थें। तब दोनों शॉर्प शूटर्स ने कुम्हेर से लगातार दो मोटरसाईकिलों से दानसिंह की बोलेरो का पीछा किया।
बाइक और हथियार छोड़ दिए ताकि...
revolver
- फोटो : demo pic
गाड़ी की रफ्तार तेज होने से शूटर्स को फायरिंग का मौका नहीं मिला। आखिरकार ज्योंही, सिविल लाइंस स्थित घर के बाहर बोलेरो रुकी और दानसिंह व उसका बेटा नीचे उतर कर घर में जाने लगे तभी शॉर्पशूटर्स ने गोली मारकर दानसिंह की हत्या कर दी। हड़बड़ाहट में बदमाशों की बाइक वहीं रह गई।
वे अलग-अलग दिशाओं में पैदल-पैदल भाग गए और पकड़े जाने के डर से हथियार भी वहीं फेंक गए। वारदात के बाद आईजी भरतपुर रेंज आलोक वशिष्ठ एवं एसपी भरतपुर अनिल कुमार टांक ने खुद मामले की मॉनिटरिंग की। पुलिस मुख्यालय से समन्वय कर डाॅग स्क्वाॅड व एफएसएल टीम से घटनास्थल से मौका मुआयना करवाया। राजस्थान पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा व तेलंगाना पुलिस से सहयोग व समन्वय कर आरोपियों को एक माह बाद धरदबोचा।