लिव इन में रह रहे प्रेमी का किसी और युवती से संबंंध एक महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने अपने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर पहले प्रेमी की बेरहमी से हत्या करवा दी।
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कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हत्या के बाद प्रेमी की लाश को प्लास्टिक के कट्टे में बंद कर एक निर्माणाधीन मकान में डलवा दी। पुलिस ने इस मर्डर का कुछ घंटों में खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमिका और दूसरे प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला है राजधानी जयपुर के मुरलीपुरा थाना इलाके का। डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सरस्वती निवासी गोपालगंज, बिहार की है और आरोपी भंवर सिंह उर्फ भंवरलाल रोहिला उम्र 28 साल निवासी गांव बेरास, लक्ष्मणगढ़, जिला सीकर का है। इन दिनों बैनाड़ पुलिया के नीचे खानाबदोश रहता है।
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रात एक बजे बुलाया दूसरे प्रेमी को
गिरफ्तार महिला और दूसरा प्रेमी
- फोटो : Vishnu Sharma
आरोपी सरस्वती की शादी करीब 15 साल पहले बिहार में रमेश राम से हुई थी। करीब 4 साल पहले वह पति व दोनों बच्चों को छोड़कर हत्या के शिकार और अपने प्रेमी बाल गोविंद के साथ भाग आई थी। बालगोविंद भी बरौली, जिला गोपालगंज बिहार का रहने वाला था।
कुछ समय रेवाड़ी और लुधियाना में रहने के बाद वे दोनों जयपुर आ गए और शंकर विहार विस्तार, मुरलीपुरा में रहने लगे। सरस्वती ने पूछताछ में बताया कि पिछले कुछ दिनों से बालगोविंद का किसी दूसरी युवती से संबंध बन गया था। वह उससे अक्सर मोबाइल पर बातें करता था और उसके साथ भागने की योजना बना रहा था।
सरस्वती ने एतराज जताया तो उसका बालगोविंद से झगड़ा होने लगा। 9 नवंबर को भी उनके बीच झगड़ा हुआ। उस दिन बालगोविंद अपने दो साथियों के साथ शराब पीकर सो गया। तब सरस्वती भी रात 1 बजे अपने दूसरे प्रेमी भंवर सिंह को बुला लाई। उनके बीच पिछले 6 माह से संबंध थे।
कुल्हाड़ी से प्रेमी बालगोविंद की हत्या
- फोटो : Vishnu Sharma
सरस्वती ने भंवर सिंह की मदद से घर में रखी कुल्हाड़ी से पहले प्रेमी बालगोविंद की हत्या करवा दी और फिर लाश को प्लास्टिक के कट्टे में ठूंस दिया। दोनों ने मिलकर प्लाॅट में दीवार के सहारे कट्टे को रखकर लकड़ी की बल्लियों के बीच छिपा दिया।
दोनों आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वारदात के खुलासे के लिए एडिशनल डीसीपी रतन सिंह के निर्देशन में मुरलीपुरा थानाप्रभारी नवीन खंडेलवाल, सब इंस्पेक्टर सवाई सिंह, संदीप कुमार, हैड कांस्टेबल डालचन्द, कांस्टेबल गोविंद, अमित सिंह, प्रकाश, होशियार, मालीराम, बलराम, अमित, अजेन्द्र सिंह व संजय शर्मा की टीम गठित की गई थी।